पंकज झा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, दहेज मुक्त मिथिला। जुन १४, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!!
मैथिल समन्वय समिति संग सम्पूर्ण मुंबई केर वरिष्ठ आ सक्रिय मैथिल एकजुट भेलाह
मुंबई उपनगर कल्याण (शहाड़)में मैथिल समन्वय समिति केर छठम् बैसार में लगभग सम्पूर्ण मुंबई केर वरिष्ठ आ सक्रिय मैथिल समाजसेवी, उद्योगपति, सिनेकर्मी, पत्रकार आदि सब वर्ग केर प्रतिनिधी जुटल छलाह.
बैसार केर विषय छल समितिक संग जुड़ल सब संस्था सँ स्वीकृती, समिति द्वारा वेबसाइट केर लोकार्पण, समिति केर योजना अनुसार वर-बधू परिचय सम्मलेन केर प्रस्ताव पर निर्णय आ आयोजनक समय निर्धारण, तथा, सम्मलेन केर रुपरेखा पर चर्चा.
बैठक केर अध्यक्षता मिथिला नवजीवन समिति ट्रस्ट केर अध्यक्ष श्री मदन झा केलनि. मैथिल समन्वय समिति केर परिकल्पना केँ साकार रूप देबाक लेल मातृभूमि प्रति समर्पणक भावना राखयवाला मिथिला रत्न डॉ संदीप झा प्रमुख भूमिका में अग्रसर छैथ और हिनक संग श्री धीरज चन्द्र झा, श्री जय माधव झा, श्री विमल झा, श्री प्रेम चन्द्र झा आदि समर्पित अभियानी सब जुटल छैथ.
मैथिल समन्वय समिति लेल सदैव अग्रसर रहयवाला श्री रविन्द्र झा, अशोक सिन्हा, कुनाल ठाकुर, पंकज झा, पं धर्मानंद झा, धनंजय झा, विमल झा, अंगद चौधरी, राजकुमार झा, दीपक झा, धर्मेन्द्र झा, प्रो कृष्णा कुमार झा, कृष्णकुमार जी (पत्रकार), रमेश झा, नविन झा, प्रमोद झा आदि बहुत रास समाजसेवी जुटल छलाह. मैथिल समाज केर वरिष्ठ अभिभावक श्री एस सी मिश्र जी, श्री मोहन गंगा मिश्र जी आदि बहुत वरिष्ठ गणमान्य लोकनि सेहो समिति केँ सदैव अपन मार्गादर्शन देबाक लेल प्रतिबद्धता व्यक्त कएलनि.
समिति द्वारा www.maithil.org केर नाम सँ वेबसाइट केर लोकार्पण भेल. एहि वेबसाइट पर वर-बधू केर पंजीयन सेहो होयत, संगहि शिक्षा आ रोजगार सँ जुड़ल जानकारी, मिथिलाक पौराणिक धरोहर केर जानकारी आदि केँ आकर्षक एवं वृहत् रूप मे प्रस्तुत करबाक प्रयास कएल जायत.
एहि वर्ष समिति द्वारा वर बधू परिचय सम्मलेन केर आयोजन सेहो ओक्टुबर में करबाक योजना पर निर्णय लेल गेल. आजुक व्यस्ततम् जीवन में आब एहि तरहक आयोजन केर पैघ जरुरत समाज केँ छैक. घर-कुटमैतीक परंपरा प्रवासक जीवन पर संभव नहि होयबाक कारण एहि तरहक परिचय सभा सँ उचित जोड़ी मिलानक अवसर एक-दोसर केँ ज्ञात होयत.
डॉ संदीप झा जी केर कहब छैन “नहि हमरा वोट चाही, नहि हमरा नोट चाही, हमरा समाजक सहयोग आ समर्थन चाही जाहि सँ समाज लेल कल्याणकारी योजना बनबैत ओकर समुचित क्रियान्वयन लेल हम सब प्रोत्साहित होएत रही.”
ज्ञात हो की हालहि में महाराष्ट्र सरकार द्वारा नासिक संदीप फाउंडेशन केर संदीप यूनिवर्सिटी केँ मान्यता प्राप्त भेल अछि, जेकर संस्थापक-संचालक स्वयं संदीप झा छथि. ई समाचार सम्पूर्ण मैथिल समाज केर लेल गौरव केर विषय थीक. डॉ संदीप झा जी के मैथिली जिन्दावाद के तरफ स ढेरों बधाई. ईश्वर हिनक व्यक्तित्व समान लाखों-लाख मैथिल पुत्र केर जन्म एहि धरा पर दैत रहैथ!!

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“संदीप यूनिवर्सिटी मिथिलाक अनुपम शैक्षणिक कृति”
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मिथिलाक भूमि अदौ सँ विद्या-विभूति, बौद्धिक संस्कारक सृजनकर्त्ता एवं लौकिक-पारलौकिक उत्थान प्रणेताक रूप मे केवल भारतवर्षहिं मे नञि अपितु विश्वक प्रतिष्ठित प्रांगण मे अपन कीर्तिपताका फहराबैत आबि रहल अछि । मिथिलाक इतिहास कें जँ शूक्ष्मता सँ गहन अन्वेषण-मनन कयल जाए स्वतः मैथिलजन हर्षित व प्रफुल्लित होइत छथि अपन पवित्र भूमिक ज्ञानवान, ऊर्जावान तथा माइटक सुगंध रूपी मकरंद कें धारण करैत सभतरि समान रूपें प्रक्षालित करबाक उद्दात चिंतनक माध्यम सँ । दृष्यमान जगत मे प्रत्येक क्षण, प्रत्येक पल प्रकृतिक स्वरूप मे निरंतर परिवर्तन होइत आबि रहल अछि । किछु परिवर्तन कें बौद्धिक ज्ञानक चक्षु सँ देखल जा सकैत छैक एवं किछु परिवर्तन संस्कारक सूचिता प्राप्त कयला उपरांत अनुभव कयल जा सकैत छैक ।
उपर्युक्त पृष्ठभूमिक आलोक मे मिथिलाक श्रेष्ठता कें यशस्वी प्रदान केनिहारक सूचि मे अनेकों मूर्धन्य सिरमौर मैथिलवृन्द, विभिन्न क्षेत्र मे कर्तव्यक प्रति निष्ठावान होइत मिथिलाक गौरवक यशबर्द्धन करैत आबि रहला अछि । नाम अनेकों अछि । हुनका लोकनिक प्रति श्रद्धा अर्पित करैत हम जाहि निमित्त अपन भावना कें प्रस्तुत कऽ रहलौं अछि ताहि कें विस्तारित करैत हर्षक अनुभव करैत छी जे श्रद्धेय डां. संदीप झाजी वस्तुतः मिथिलाक कीर्ति-पताका के भारतवर्षक शिक्षा-जगत मे विशिष्ट योगदान देनिहार प्रबुद्ध व्यक्तिक सूचि मे अपना आप कें सामानान्तर प्रस्तुत करैत मैथिलजनक गौरव व प्रतिष्ठा कें नव ऊँचाई प्रदान कयलनि अछि । स्वभाव मे विनम्रता, संस्कार मे सूचिता, शब्द-भाव मे आत्मियता तथा कर्मक्षेत्र मे कठोर समर्पणक आतुरता कें धारण करैत जाहि बलें महाराष्ट्रक भूमि पर “संदीप यूनिवर्सिटी”क स्थापनाक माध्यमें नव कीर्तिमान स्थापित करैत मात्र प्रवासहिं मे नहि अपितु मिथिलाक पवित्र भूमि मधुबनी जिलान्तर्गत “सुजौल” गाँव मे यूनिवर्सिटीक स्थापना कय माइट-पाइन पर रहनिहार युवा वर्गक भव्य भविष्य व चरित्र निर्माण हेतु नव इतिहासक सृजन कयलनि अछि गौरवक विषय थिक ।
सामाजिक जीवन मे परिस्थितिजन्य नैराश्य-बोध सँ ग्रसित प्रवासी व निवासी मैथिलजनक प्रति हुनक चिंता स्पष्टतः परिलक्षित होइत अछि । एतदर्थ महाराष्ट्रक भूमि पर विशेष रूपें मुंबई मे प्रवासी मैथिल समाजक सर्वांगीण विकासक निमित्त मिथिला-मैथिली केनिहार संस्थाक सम्मानित प्रतिनिधिगण तथा प्रबुद्ध मैथिलसेवी कें आह्वान करैत तथा संस्थागत स्वरूप कें यथावत् रखैत समन्वित सामंजस्य स्थापित करबाक तथा सामाजक उत्थानक उद्वेश्यपूर्ति हेतु समन्वयक आधार पर “मैथिल समन्वय समिति”क माध्यमें जाहि तरहें स्वयं के समर्पित कयलनि तकरहिं प्रभाव थिक जे हुनक चिंतन कें सम्मान दैत सभ सम्मानित मैथिलजन एवं संस्थाक प्रतिनिधिगण सहर्ष व सहज रूप सँ एक छतरिक नीचां शामिल हेबाक आमंत्रण कें सहर्ष स्वीकार कयलनि एवं “मैथिल समन्वय समिति” केर निर्माण कय आबएवला समय मे नव इतिहासक सृजन करबाक संकल्प सँ संकल्पित भेलाह । आबएवला समय मे “मैथिल समन्वय समिति” नव इतिहासक सृजन करत एहि मे रंचमात्रहुँ संदेहक संभावना नञि अछि ।
“नवी मुंबई मैथिल संघ” केर अध्यक्ष श्रद्धेय श्री अंगद चौधरीजी अपन उद्गार व्यक्त करैत अपन विचार उद्भासित कऽ चुकला अछि । हमहूँ अपना आप के नञि रोकि पाबि सकलौं । किछु टूटल-फुटल शब्दक माध्यम सँ पुनः “नवी मुंबई मैथिल संघ” परिवार दिशि सँ डां. संदीप झा जीक प्रति अभिनंदन ज्ञापित करैत हर्षक अनुभव करैत छी संगहि आश्वासन दैत प्रसन्नता व्यक्त करैत छी जे जाहि सामाजिक कार्यक हेतु डेग उठाओल गेल अछि ओहि सामाजिक कार्यक लक्ष्य कें प्राप्ति हेतु संघ परिवार अपन समर्पित पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताक बलें दृढ़ता सँ तथा उन्मुक्त भाव सँ सहयोग प्रदान करैत रहत । पुनः महाराष्ट्र सरकार कें अनेकानेक धन्यवाद ज्ञापित करैत छी हेतुए जे “संदीप यूनिवर्सिटी” कें मान्यता प्रदान कऽ प्रवासी मैथिल समाज कें यथोचित प्रशस्ति प्रदान कयलक अछि । जय श्री हरि । राजकुमार झा ।