ताड़ी कतेक सुरक्षित

444

विचार

– राम बाबु सिंह

बिहार में मद्यपान वर्जित भेलाक बाद अन्यानेक खबर सुनबा में आबि रहल अछि। जे पियक्कड़ छथि नशा करय लेल नव नव रास्ता खोजि रहल छथि। शराबी सभक मनोस्थित तेहन भ गेल अछि कि जँ कियो किछ नाम लक प्रचार क दथि की ओकरा पिला सँ निशा आबि जायत छैक त बिना किछू परिणाम के सोचति पिब जएत।  पियक्कड़ सब आब दबाई दोकान सँ खाँसी बाला सिरप के सेवन दारू बूझि करय छथि। एखन बिहार में मृत संजीवनी सूरा आर खाँसी के दबाई के खूब माँग छैक। पिब बाला के त मात्र पिब सँ मतलब रहैछ, हिनका कोनो तरहक निक आ बेजा शारीरिक आ मानसिक परिणाम सँ कोनो मतलब नै होय छन्हि ? एकटा त गजबे बात सुनबा में आएल अछि कि लोक डिटरजेंट के पानि में घोरि क सेहो दारू के स्थान पर कय रहल अछि। कतेक बड़का दुर्भाग्य छैक एहन पियक्कड़ के लेल जे एकदमे नै बूझि रहल छैक कि जहर पिब रहल छै। बेसी दिन पिलाकर बाद आब लोक अस्पताल सेहो पहुँच लागल किएक त डिटरजेंट शरीर के सब अंदरुनी भाग के गला सकय अछि , कतेक भारी क्षति पहुँचा सकय अछि ? मुदा शरीर के जखन ध्यान रहितन्हि तखन पीबए किये करैत ? आब एकटा जानकारी भेटल अछि “तारी” (तार के विरिछ के पानि) ओकर खूब मारा मारि छैक। आब बाला समय में तारी सेहो बन्द बोतल में दारू जेकाँ भेट सकैए।मुदा ई कतेक शुद्ध आ निक अछि तकर जिम्मेदारी के लेत ? तारी निकलबाक के एकटा सीमा रेखा छैक आ जखन माँग बेसी छैक तखन कि तारी में मिलाबट सम्भव नै छैक। मिलाबट में फेर की सब फेंटत तकर के जिम्मेदारी लेत। हमरा आशंका अछि तारी के लक कहि दारू पिलाक बाद कतेको बेर बहुते लोकक जान चलि गेल छैक। तें सरकार आ प्रशासन के सेहो एकर शुद्धता पर ध्यान रखबाक नितान्त आवश्यक छन्हि। एखुनका जरल गरमी में जिव जन्तु सब अपन अपन प्यास बुझेबाक लेल यत्न करैत रहैत अछि। गाम देखैत छलहुँ कौआ आर चिड़ै सब तारक तारी सँ अपन प्यास बुझबैत छल। आब एकटा फ़ोटो अएल से कनि भयभीत कय रहल अछि ? विषधर साँप तार के पेंड पर चढ़ि तारी पिबैत फ़ोटो वायरल भेल अछि।  विषधर के पिलाक बाद कि तारी मनुख के लेल पिब योग्य रहि जएत छैक। विषधर साँप अपन जहर सेहो तारी में छोड़ि सकैए। तें तारी जहरीला छै कि नहि तकर जिम्मेदारी के लेत ? हमर पोस्ट लिखबाक उद्देश्य ई अछि की तारी सेहो अपनेक जान के दुश्मन बनि सकैए। जरुरी नै छै जे अपने पिब रहल छी से विशुद्ध तारक तारी अछि ? तारी कहि कोनो विषधर साँप नै सेवन पहिने कएल हुए आरो बहुत किछ बुझ सोच के जरूरत है ? जान अछि तखन जहान। तें अपन जान के कीमत बुझु। शारीर के दुःख आ सुख रोग आ निरोग अपने हाथ में अछि बस अपने सब के सजग सचेत रहबाक अछि संगहि समाज में सेहो लोक के जागरूक कय नशा मुक्ति के लेल प्रेरित करबाक चाहि।Tel: +919971499504