मैथिली जिन्दाबाद – (लोगो परिचय आ प्रस्तुति)

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मैथिलीक गुण गरिमा गायत, मैथिली जिन्दाबाद कहायत। देश-विदेशक बात बतायत, मैथिली जिन्दाबाद कहायत॥ दुइ मित्र देशक झण्डा फहरायत, मैथिली जिन्दाबाद कहायत। सर शोभित सोन पाग विराजत, मैथिली जिन्दाबाद कहायत॥ माछ मखान आ पान दर्शायत, मैथिली जिन्दाबाद कहायत। दुहु देशक पत्रकार जितायत, मैथिली जिन्दाबाद कहायत॥ सुसंस्कृति संस्कार बतायत, मैथिली जिन्दाबाद कहायत। मैथिल केँ साहित्य पढायत, मैथिली जिन्दाबाद कहायत॥ टेर-बटेर केँ खुब हँसायत, मैथिली जिन्दाबाद कहायत। धर्म आ दर्शन सब किछु बाँटत, मैथिली जिन्दाबाद कहायत॥ समाचार पत्र –पत्रिका केँ समाजक उन्नतिक मेरुदंड कहल गेल अछि। कोनो समाजक उत्कर्ष, विविधता आ क्रमिक विकासक दर्शन ओकर समाचारपत्र माध्यमे होइत अछि। मैथिली भाषाक सेहो अपन समाचारपत्र अछि, चाहे ओ भारतीय मिथिला क्षेत्र हो या नेपाली मिथिला क्षेत्र। मैथिलीक एकमात्र “मैथिली जिन्दाबाद” एहन समाचारपत्र बनत जे मैथिलीक ज्योति केँ दुनु देश मे प्रज्वलित करय लेल प्रतिबद्ध रहत। ई मिथिलाक समाजक जागरण तथा मैथिली साहित्य आ संस्कृति केर प्रवर्धन करैत रहत। मैथिली जिन्दाबाद मे कविता, निबंध, कथा, एकाँकी, समाचार, चलचित्र, ब्यंग्य, नेना भुटकाक चौपाड़ि तथा मनोरंजनक सामग्री सब किछु समग्र रूप मे प्रकाशित होइत रहत, जे स्वत: लोकप्रियताक नव कीर्तिमान स्थापित करत। विकासक दर्शन सँ दुनु देशक झण्डाक शान बढत, तहिना हरेक मैथिल केँ अपन कर्म-कर्तब्यक बोध करबैत माथक पाग विराजमान अछि जे आत्मगौरव केर बोध सेहो करायत, पहिचानक गरिमा टा नहि, मिथिलाक गंगा-जमुना तहज़ीब व मिथिलांचलक सांप्रदायिक सौहार्द केँ सेहो प्रतिक अछि, तहिना मिथिलाक आत्मनिर्भरताक द्योतक माछ, मखान ओ पान जेकर व्यवहार आइयो ओतबे आवश्यक अछि तेकर प्रयोग सेहो अपन समृद्ध परंपरा केँ निरंतरता देबाक संदेश संग राखल गेल अछि।

झा चंदन (बघाँत, मनीगाछी, दरभंगा
हाल – आइबीएम मे सफ्टवेयर ईन्जिनियर)
विशेषता – मैथिली कार्टूनिस्ट