प्रवीण नारायण चौधरी, विराटनगर । २४ मार्च २०२५, मैथिली जिन्दाबाद !!
विराटनगरक ऐतिहासिक धराधाममे भगवान् श्रीकृष्णक जीवनलीला अर्थात् रासलीलाक आयोजन सम्पन्न भेल अछि । अद्भुत आर अपूर्व सुखक अनुभूति करैत हजारों भक्त-श्रद्धालुसब लाभान्वित भेलाह अछि ।श्री हरि सत्संग समितिद्वारा आयोजित ५ दिवसीय (पब्लिक मांगमे १ दिन बढ़ाकय ६ दिनक) आयोजन सच्चे बड नीक कार्यक्रम भेल । सत्संगमे रंगमंचीय प्रस्तुतिक प्राचीनशैलीमे भगवान् कृष्णक लीला देखय प्रतिदिन हजारों भक्त-श्रद्धालु अयलाह । विराटनगरमे एहेन सुन्दर सत्संगक भरपूर आनन्द उठेबाक नीक अवसर जेहेन हमरा लागल ।
वृन्दावनसँ आयल रंगकर्मीसभक टोली, खासमे गाबयवला व्यास, बजबयवला वादकसभक संग विभिन्न पात्रसभक भूमिका निर्वाह करयवला सम्पूर्ण कलाकारसभक अत्यन्त रसमयी-रमणीक प्रस्तुति सब दर्शकके मनलुभावन लगलनि । भक्ति आ आध्यात्मक महत्वपूर्ण सन्देश दैत मानवजीवनमे सत्संगसँ प्राप्त होयबला ऊर्जाक जिबन्त तस्वीर देखबाक लेल भेटल ।
समितिक राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री भिकमचन्द सरल, संयोजक श्री महेश कुमार स्वर्णकार, सचिव-उद्घोषक श्री विद्यानन्द माझी सहित सम्पूर्ण कार्यसमिति आ कार्यदलकेर मेहनतिक जतेक प्रशंसा करब कम होयत । सहभागी सम्पूर्ण अभिभावकगण एवं समितिसंग आबद्ध हरेक व्यक्तिक जतेक धन्यवाद करब से कमे होयत ।
उद्घाटन सत्रक अतिरिक्त आर १ दिनक कार्यक्रम जाहिमे मीराबाईकेर गिरिधर गोपालसंग अनन्य प्रेम तथा भक्ति दर्शेबाक लीला प्रस्तुति कयल गेल छल, हम सेहो प्रत्यक्षदर्शी बनिकय आनन्द उठेलहुँ । हृदयमे एतबे बेसी स्नेहभाव जागल जे कार्यक्रमस्थलमे प्रवेश करैत टीकाधारण करब, तेकरबाद स्थानीय भजन-संस्कृति प्रस्तुत करयवला कलाकारसभक प्रस्तुति विभिन्न जात-जातिमे प्रचलित भगवद्भक्तिक कलात्मक स्वरूप देखब, आर फेर रासलीला कलाकारसभक आरम्भ श्री राधाकृष्ण आरतीक भावपूर्ण प्रस्तुति, लगभग २ घन्टाक अबधिमे कृष्णलीला आ फेर अन्तिम समयमे स्वयं गिरिधर गोपालक चरण स्पर्श कय आशीर्वाद ग्रहण करब – मनमे एहेन अनुभूति भेल मानू साक्षात् गोलोकमे पहुँचि गेल होइ ।
आ, गोलोकमे अपन विराटनगरवासी अनेकों अभिभावकसब, माता-बहिनसब तथा मित्र-बन्धुसभक संगमे छी, ताहिसँ हमर मोनक आनन्द आर कतेको गुना बेसी बढ़ि जेबाक अनुभव कयलहुँ ।संयोजक श्री महेश स्वर्णकारजी तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय भिकमचन्द सरलजीक व्यक्तिगत सक्रियता, सभक संग हालचाल पुछैत रहब आ स्वागत-सत्कार करैत कतेको महत्वपूर्ण व्यक्तित्व सबकेँ औपचारिक आसन सेहो ग्रहण कराबय, मंचीय व्यवस्थापनमे चाक-चौबन्द व्यवस्थापन, आर्थिक सहयोग अपन स्वेच्छासँ कय सकनिहार लोकसबकेँ प्रेरणा देब, चाय-पानीक इन्तजाम, सांस्कृतिक प्रस्तुतिक लेल आमंत्रित स्थानीय कलाकारसब आ संयोजकसब संग सहकार्य करब, व्यवस्थापनक – हरेक पक्ष अद्भुत आ बेजोड़ छल ।
हमसब जाहि भावसँ भगवान् श्री कृष्णक अनेकों लीलासब एहिबेर मात्र ५-६ दिनमे देखय सकलहुँ, एहिसँ ई आत्मविश्वास जागल जे एहेन आयोजन किछु बेसी समय-अबधिक लेल करब आवश्यक आ वांछित अछि हम मानव समाज वास्ते । एकदिश आवश्यकता सँ बड बेसी राजनीतिक चर्चा-कुचर्चाक जेहेन भयावह ‘लू’ जेहेन गर्मी आ दोसर दिश बसन्तोत्सव होलीक भोरका पहरसँ आयोजित रासलीलाक शीतल – ठंढीक अनुभूति भेटल हमरा । आयोजककेँ कतबो धन्यवाद करब, कम होयत । सबकेँ बारम्बार प्रणाम !! अन्य आयोजकसब सेहो सिखता कि एहेन धार्मिक सत्संग जेहेन आयोजन बेसी करय लेल ?
हरिः हरः!!
