विमलजी मिश्र, नई दिल्ली। जुलाई २१, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!!
अखिल भारतिय मिथिला राज्य संघर्ष समित द्वारा दिल्ली मे जन्तर मन्तर पर आइ 21 जुलाई केँ 11बजे सँ मिथिला राज्य केर माँग हेतु धरना प्रदर्शन शुरु अछि । संघर्ष समितिक राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. बैद्यनाथ चौधरी बैजु केर नेतृत्व मे संयोजक अमरेन्द्र झा, युवा मिथिलावादी नेता शरत झा, मिथिला विकास परिषद् केर आजन्म अध्यक्ष अशोक झा, किराड़ी सँ पार्षद रामदयाल महतो आओर सैकड़ों गणमान्य सब धरना प्रदर्शन मे जोशो-जुनुन सहित उपस्थित अछि ।
एहि धरना-प्रदर्शनक ठीक सामने मे हजारों केर संख्या मे उपस्थित अखिल भारतीय महिला काँग्रेस केर जन आक्रोश रैली मे सहभागिता जनाबय लेल आयल काँग्रेस पार्टीक बहुचर्चित दिग्गज नेता आ प्रवक्ता दिग्गविजय सिंह उर्फ दिग्गी सभा सँ प्रस्थान करबाक समय अभामिरासंस द्वारा कैल जा रहल माँग केर समर्थन मे स्वयं मंचक निचाँ आबिकय मिथिला राज्यक माँग कएनिहार केँ संबोधित केलनि।ओ कहला जे “हमारा शुभकामना आप सब के साथ है! भारत की अत्यन्त प्राचीन संस्कृति को भारतीय संघ में राज्य की दर्जा मिलना चाहिये, हम आपके माँग का समर्थन करते हैं।” हुनक एहि संबोधन सँ सभा मे काफी उत्साह मुदा मिश्रित भावनाक लहैर दौड़ि गेल छल।
कहबी छैक जे जखन अहाँ स्वयं पावर मे रही तहिया मुंह सँ एक शब्द तक नहि निकलल आ आइ प्रतिपक्ष मे छी तऽ सत्ता पक्ष पर दबाव बनेबाक लेल समर्थन दऽ रहल छी। लेकिन एतेक तय छैक जे ‘मिथिला राज्य’ केर माँग प्रति आरो गंभीरता सँ प्रयासक आवश्यकता छैक, कारण देशक सब दल धरि ई आवाज ढंग सँ नहि पहुँचल छैक। अतिश्योक्ति नहि होयत यदि कहल जाय जे दिग्गी पहिले-पहिल मिथिला राज्य सेहो माँग कैल जा रहलैक अछि ई बुझने हेता।

7 Comments
मैथिलक सभक विचारधारा बहुत निक अछि
मिथिला के लेल एखन बहुत नीक समय अछि
और सब मैथिल सs बिनम्र निबेदन जे
कियो गोटे एही में टांग नहि अराबथि
सब गोटेक एक मोन हमेशा रहबाक चाही
धन्यबाद मिथिला माटिक लोक के
बहुत सुन्दर विचार देलहुँ – सब ठाम मिथिलाक लोक मे एहने जागृतिक आवश्यकता अछि। जाति-पाति मे वा धर्म केर नाम पर समाज केँ नहि तोड़य। अपन पौराणिक समरसताकेँ निर्वाह करय। मैथिली जिन्दाबाद होइत रहत।
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apar harshak khabair ai. aab lagaiye je dasho disha me apan rajyak maang bairh rahal ai. ashesh shubhkamana
MITHILA RAJYA BANAI KE CHAHI
निश्चिते – जहिया समस्त मैथिल जनमानस एहि लेल जागि जाय आ अपन संघीय अधिकार केर रक्षार्थ नहि देश तऽ राज्य केर न्युनतम् माँग पूरा कराबय तऽ सब किछु शीघ्रे संभव भऽ जायत।
शीघ्राति शीघ्र मिथिला राज्यक निर्माण होइबाक चाही।