बड्ड हरखक संग 75 वाँ गणतंत्र दिवस मनेलौं

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लेख

प्रेषित : रिंकु झा

लेखनी के धार

विषय # गणतंत्र दिवस के महत्व

गणतंत्र के अर्थ भेल देश के जनता द्वारा देश के शासक चुनब ।यानी जनता अपना हिसाब स सरकार चुनी सकय छैथ ,आर नाखुश भेला पर ओहि सरकार के हटा सकय छैथ। ई अधिकार भारतीय जनता के संविधान के रूप मे पूरा दू साल, ग्यारह महिना आर अठारह दिन के अथक प्रयास के बाद डा बीआर अंबेडकर के द्वारा भेटल छल सन् 1950में ।ई कहियो कि 26जनवरी सन् 1950मे भारत मे संविधान लागू भेल । आर अहि दिन भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद पहिल बेर दिल्ली मे लालकिला पर देश के पहचान तिरंगा झंडा फहरेने छलैथ।भारत के संविधान दुनिया के सब स पैघ संविधान अछी, हिंदी आर अंग्रेजी दु तरहक प्रतिलिपि मे हाथ स लीखल गेल अछि भारतीय संविधान।
समस्त भारतीय बहुत गर्व के संग अपन संविधान के सम्मान मे 26जनवरी के दिन हरेक साल एक टा राष्ट्रीय पर्व के रुप मे उत्साह स गणतंत्र दिवस समारोह मनावय छैथ।अहि बेर भारत 75वाँ गणतंत्र दिवस मनावय जा रहल छैथ। देश के राजधानी दिल्ली मे किछु विशेष रूप स नाना तरहक सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत गणतंत्र दिवस मनाओल जाइत अछि।एक स एक झांकी सब निकलैत अछि,जे राज्य पथ स शुरू भय लालकिला पर समाप्त होइत अछि। भारत के राष्ट्रपति अहि दिन ध्वजारोहण करय छैथ।आर राष्टृ के नाम किछु सम्बोधन करय छैथ, जाहि मे सरकार के उपलब्धि,कार्य नीति आर भबिष्य योजना के संबोधन द्वारा प्रकाशित करय छैथ।भारत के तीनू जल,थल,आर वायुसेना अपन शक्ति के प्रदर्शन करैत परेड आयोजन करैत छैथ। समस्त शिक्षण संस्थान मे झंडा फहराओल जाईत अछि। विशेष व्यक्तित्व आर शहिद के सम्मानित कैल जाईत छनि । सार्वजनिक छुट्टी के घोषणा क एल जाईत अछि। समस्त देश मे एक टा अलगे आजादी आर खुशीक माहौल रहैत अछि। राष्ट्रीय गानक गुंज चारू दिसन सुनाई दैत रहैत अछि।
हम सब भारतवासी बहुत गर्वित छी , जे भारत जेहन महान धरती पर जन्म लेने छी।कारण भारत एक टा लोकतांत्रिक, गणतंत्र राज्य अछि। भारतीय नागरिक के हरेक तरहक अजादी भेटल छै , चाहे ओ प्राकृतिक अजादी होई वा व्यक्तिगत,फेर चाहे सामाजिक अजादी होई वा स्वभाविक।पर ई आजादी पाबय के लेल बहुत किछु त्याग करय परल अछि । आसानी स नहि भेटल छल ई आजादी,अहि के पाछु बड्ड  रास संघर्षक कथा लीखल गेल अछि।शहीद के बलिदान स्वर्ण अक्षर मे लीखल अछी।
चाहे गणतंत्र दिवस होई वा स्वतंत्रता दिवस भारत लोक लेल ई दिवस बड्ड महत्व राखय छै। सन् 1947मे जखन भारत आजाद भेल छल, ओ समस्त भारतक लेल गर्वक बात छलय ,पर तखनो भारतीय पुर्ण रुपे स्वतंत्र नहीं छलैथ ।26जनवरी सन् 1950मे जखन भारत के अपन संविधान बनल तखन भारतीय पुर्ण रुपे स्वतंत्र भेलैथ।आर अंग्रेजक बेड़ी स निकलि चैन के सांस लेलैथ।आब भारतीय पुर्ण रुपे स्वतंत्र छैथ ,ओ कोनो फैसला स्वयं ल सकय छैथ,कतौ जा आबि सकय छैथ, भोट दय ओ अपन पसीनक  सरकार चुनि सकय छैथ। कारण परतंत्रता कियो पसैंड नहीं करय छैथ। जानवरों गुलामी नहीं पसीन करैत अछि त मनुष्य के कि बात।एक टा चिड़इ के देखियौ न सोना के पिंजड़ा मे किएक नै राखी देबइ ,ओ पाँखि फरफरा क खुजल अकाश मे निर्भीक भय बिचरण करय लेल छटपटाईत रहैत अछि।मतलब अजादी सबकऽ नीक लगइ छै । मूदा केवल अजादी भेटला स किछु नहि होई छै,कारण ओहि आजादी के सम्हारी आर सहेज क राखब बहुत पैघ परिक्षा छै ।
भारत अहि मे सफल होईत एक टा मजबूत राष्ट्र के परिचायक बनी रहल अछि ।
जय भारत ।