आर्थिक वा पारिवारिक सहयोग दैत खुशहाल छथि आधुनिक नारी

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#लेखनीक_धार

“आधुनिक युगमे परिवारक लेल आर्थिक स्तिथि सुधारमे महिलाक योगदान कतैक आवश्यक ”

जखन -जखन आवश्यकता पड़लै महिला अपन योगदानमे पुछू नहि हटली।

एहि भौतिक युगमे महिला पुरुषक डेग सँ डेग मिला चलैत छथि तँ सौभाविक छै परिवार भौतिक सुख सँ परिपूर्ण हेतै !
अपन -अपन ढंग सँ सब परिवार मे सहयोग करैत छथि।तहियो महिला सब विद्वषी
छलनि ! ताहिदिन महिलाकेँ ई सोच नहि रहनि हम उपार्जन कयलौँ हमर भेल, सर्वाधिकार एहि पर हमरे थीक।
ओ सब गृहणी अपन सहयोग कुटिया -पिसाया सँ लय घरक सब काज अपनहि करैत छली! ई सब सँ बेसी सहयोग होइत छलै मुदा पुरुष वर्ग एहि बातक मोजर नहि दैत छलखिन। महिला जे किछु अपन घर खर्च सँ बचबैत छली ओ बेर पड़ला पर घरमे सहर्ष खर्च करै लैल तैयार रहथि,फेर वापसीक अभिलाषा मनमे नहि रहनि ।कहावतों छै स्त्री पुरुष जीवन रुपी गाड़ीक पहिया छथि दुनू गोटैक सहयोग सँ गृहस्थी नीक सँ चलैत छै।
ओना हर स्त्री आदिकाल सँ परिवार लेल सहयोग करते यली अछि।जेना तहिया गाम -घरक महिलाक पति जे पिछड़ल रहैत छला जमीन जगह नहि रहैत छलनि तँ ओ बाहर कमाय लेल जाइत छला! खर्चा लऽ जे रुपया पठबैत छलखिन ओहि सँ ओ सब बेर -कुबेर सेहो धमहैत छली और लियोन- बजाओन सेहो पूरैत छलई जे घर परिवारक प्रतिष्ठा बचल रहे ।तहिया फोन -फान के जमाना नहि रहै जा ओ लोकनि चिट्ठी लिखथीन पहुचतैन ता तँ बेरे खतम,बुझैत छला ओ लोकनि मुदा बादमे।
हमर कहवाक ई तात्पर्य अछि परिवार मे महिला क सहयोग सब दिन सँ भेटैत छलनि।
आब महिला पढ़ि -लिख कानह सँ कानह मिला काज करैत छथि तहिया चरखा आ टोकरी सूत काटि सहयोग करैत छली।
शिव शक्ति बीना किछु नहि तहिना महिला बीना पुरुष किछु नहि। आबक महिला सभ क्षेत्रमे अपन आधुनिक युग मे परिवार लेल आर्थिक स्थिति सुधारमे महिलाक भुमीका अहम छनि।

महिला क सहयोग सब दिन सँ भेटैत छनि। जेना
शिव शक्ति रूपी पर्वतीक बिना किछु नहि,तहिना महिला बिन परुष किछु नहि ।
आब तँ हर क्षेत्र मे ओ अपन जगह बना लेलनि अछि।
चाहे छोट मोट कोनो रोजगार हो आ आलाधिकारी।
जय माँ जानकी 🙏

अर्चना मिश्रा अर्शी
पूर्णियां बिहार
29.9.23