“स्वतंत्रता आन्दोलनमे मिथिलाक योगदान”

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— पीताम्बरी देवी।   

 

मिथिला आर मैथिल हमेशा से संघर्षरत रहला हे।
हमर मिथिला में अपन देश लेल अनेकों आंन्दोलनि सब भेला।अपन देश के स्वतंत्रत करय लेल कतेको मैथिल अपन जान गमौने छथि।कहल जाईत अछि जे एक बेर सब अंग्रेजी सासन हटेवा लेल रेल के पटरी पर सूति रहला आर अंग्रेज हुनका सब के उपर से रेल चला देलक जाहि मे बहुत मैथिल के जान चल गेल। बहुत गोटा सरकारी संस्था सब के छति पहुचावय लगला।जेना पोस्ट आफिस में आगि लगा देलखिन रेल के पटरी उखारि देलखिन।जाहि से अंग्रेज मैथिल सब के पकरी पकरी के जेल में दिय लागल ते कतेक गोटा नेपाल परा गेला ।कतेक गोटा भूमिगत भय गेला। स्वतंत्रता आन्दोलन में महराज कामेश्वर सिंह से हो बहुत योगदान देने छथि।एक बेर इलाहाबाद में कांग्रेस बैसार करय बला छल ते अंग्रेज़ रोक लगा देल कै जे कोनो सार्वजनिक स्थान पर बैसार नहि क सकैत छि ते महराज कामेश्वर सिंह दरभंगा हाउस राता राति खरिद के बैसार के जगह देलखिन आर कांग्रेस ओतय अपन कांफ्रेन्स केलनि।गांधी जी जखनि दरभंगा एल रहथि ते महराज अपन अतिथ निवास में हुनका ठहरौने छला ।जेकर नाम अखनि गांधी जी के नाम पर गांधी मखाना रिसर्च सेंटर राखल गेल अछि।बहुतों पाई से मददत केने छला गांधी जी के।एक बेर गांधी जी नेसनल स्कूल में सेहो ठहरल छला ते दरभंगा के मैथिल सब मदत केने छलनि।जाहि मे कुलानन्द झा के नाम ओ कपलेश्वरी प्रसाद गोपाल जी बाबू आदि अनेक नाम अबैत अछि। मैथिल में बहुत गोटा जेल गेला जेना लीलाम्वर झा तेज नाथ झा चतुरानन्द मिश्र आदि। जैरमण झा ,कान्चीनाथ झा कीरण ,भवनाथ झा ,प्रजापति ठाकुर,परमेश्वरी दत्त झा, श्यामा देवी, शंकर मिश्र,राधानन्दन झा, सूरज नारायण सिंह, आदि अनेकों गोटे मिथिला के स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल छलाह।महिलो सब बहुत गोटा नूका के स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल छलिह।ओ सब चरखा पर सूत काटि के कपरा दैत छलखिन, जेल में खेनाई पहुचवैत छलखिन ,घर से चोरा चोरा के मदत करैत छलखिन लेकिन अपन नाम आगु नै आब देलखिन्ह।कारण ओहि समय में पूरूष बर्दाश्त नहि क सकैत छला जे महिला खुलि के आगु औति। बहुत गोटा जान गमौने छथि जिनकर कतौ नाम नहि छनि। स्वतंत्रता आंदोलन सौ साल तक चलल जाहि मे कतेक जान गेल ओकर गिनती नहि अछि ओ असंख्य अछि।हमरा ते ओतेक बूझलो ने अछि कारण हमरा सब के जन्म से पहिनहि भारत माता स्वतंत्रत भय गेल छलि।जे अल्प ज्ञान अछि ओ लिख देलौ ।