“अपन मिथिलाक धिया किनकोसँ कम नहि।”

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— आभा झा।     

धिया हमर समाजक आधा हिस्सा छथि। अपन मिथिलाक धिया किनकोसँ कम नहिं। हुनका अवसर भेटबाक जरूरत छैन्ह। मिथिलामे धियाक लेल रोजगारक स्थिति बहुत बेसी नहिं अछि। अपन समाजमे महिला-पुरूख बराबरीक लेल अखनो बहुत बदलावक आवश्यकता अछि। महिलाक लेल हम महिला सशक्तीकरण दिवस मनबैत छी। जाहिमे महिला द्वारा कएल गेल त्याग आ बलिदानक बात करैत छी। महिला सशक्तीकरणकेँ बढ़ावा देबय लेल कतेक योजना शुरू भेल अछि। मुदा सरकारकेँ एतेक प्रयासक बावजूद मिथिलामे महिला सभक स्थितिमे किछ खास सुधार नहिं आयल अछि।
अपन मिथिलामे आ बहुत ठाम पढ़ल-लिखल महिला सेहो अपन अधिकारक लेल किछ नहिं कऽ पबैत छथि।हुनका अपन आत्मनिर्भर आ सशक्त बनयकेँ स्वप्नकेँ तोड़य पड़ैत छैन्ह आ एहेन जीवन व्यतीत करयकेँ लेल मजबूर होमय पड़ैत छैन्ह, जकर ओ विरुद्ध छथि। बदलैत समयकेँ संग परंपरा बदलि रहल अछि, सामाजिक आ सांस्कृतिक मूल्य सेहो बदलि रहल अछि। मुदा धियाक विकासक गति धीमा अछि।
आजुक समयमे महिलाक स्थिति, विकास आ हुनकर सशक्तीकरणक प्रश्न बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा अछि। आजादीक एतेक बरख बीतलाकेँ बादो जाहि तरहें हमर देशमे शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगीकरण, रोजगारक क्षेत्रमे वृद्धि भऽ रहल अछि, ओकर मुकाबले धियाक स्थिति ओतेक संतोषजनक नहिं अछि। हालांकि किछ समयसँ शैक्षिक स्थितिमे सुधार आयल अछि, एकर बावजूद साक्षरताकेँ दर आइयो पुरूखक तुलनामे काफी कम अछि। धियाक शिक्षा आ रोजगारकेँ ओतेक महत्व नहिं देल जाइत छैक। धियाकेँ घरक काजमे लगा देल जाइत अछि। हालांकि बदलैत समयकेँ संग बहुतो लोक आब अपन धियाक पढ़ाई-लिखाई आ हुनकर रोजगारक लेल चिंतित छथि। मिथिलामे रोजगारक सुविधा ओतेक नहिं छैक। पैघ-पैघ कंपनीमे रोजगारक अवसर अपन मिथिलामे नहिं छैक। एहेन रोजगार तऽ मिथिलासँ बाहरे भऽ सकैत अछि। धिया सबके रोजगारक लेल शहर या महानगर दिस जाय पड़ैत छैन्ह। कतेको माता-पिता धियाकेँ बाहर जा कऽ नौकरी केनाइ पसंद नहिं करैत छथिन। एकर मुख्य कारण अछि सुरक्षाक चिंता। आजुक समयमे दुष्कर्मक मामला बहुत बेसी बढ़ि गेल अछि। लगातार बढ़ैत दुष्कर्मक मामलाकेँ डरसँ परिवारजन धियाकेँ बाहर रोजगारक लेल नहिं पठबै छथिन। अपन मिथिलामे रोजगारक एकमात्र साधन भऽ सकैत अछि ओ अछि स्वरोजगारक लेल महिला सभकेँ प्रेरित केनाइ। एहि लेल युवा आ महिला उद्यमीकेँ उद्योग शुरू करयकेँ लेल सरकार द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान कएल जाइत अछि। बहुतो धिया सब घर बैसल मिथिला पेंटिंग, जनेऊ, पाग, अगरबत्ती, सिलाई-कढ़ाई, डांस क्लास कऽ ऑनलाइन रोजगार कऽ रहल छथि। रंग-बिरंगक अचार, अमोट, पापड़, कुम्हरौरी, अदौरी, मखान आदसँ अपन देश-विदेश सब जगह पठा रहल छथि। आब एहि सभ चीजक माँग बहुत बढ़ि गेल छैक। अहाँ घर बैसल ऑर्डर दऽ कऽ देश-विदेश कतौ मँगा सकैत छी। ऑनलाइन कोचिंग बच्चा सबकेँ दऽ कऽ अपन रोजगारक व्यवस्था कएने छथि। सोशल मीडिया धियाकेँ आत्मनिर्भरताक लेल प्रोत्साहित कऽ रहल अछि। महिलाकेँ आइयो तरह-तरहकेँ सामाजिक आ आर्थिक समस्यासँ लड़य पड़ैत छैन्ह। एहि लेल आवश्यक अछि कि परिवारक लोक आ समाज धियाक प्रति अपन सोच बदलैथ। मिथिलाक धियाक लेल रोजगारक अवसर हुनका ओतहि रहि कऽ उपलब्ध कराओल जाइन। जाहिसँ हुनका घरसँ बाहर अपन परिवारसँ दूर जेबाक आवश्यकता नहिं पड़ैन।
जय मिथिला, जय मैथिली।

गाजियाबाद