“आधुनिक सुविधा आ सामर्थ्यक अभावमे धीया-पूता गर्मी छुट्टीक समयकेँ कोन तरहे सदुपयोग करए” –

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— आभा झा।       

गर्मी छुट्टी बच्चाकेँ अपन परिवारक संग जुड़य, विभिन्न गतिविधिकेँ करय व ओकर आनंद उठबैकेँ मौका दैत अछि। एहि छुट्टीक सदुपयोग कोना कएल जाए? अपन देशमे आ गाममे गरीबी, भुखमरी, बेरोजगारी, कुपोषण जेकां कतेक प्रकारक बीमारी आ हजार तरहक समस्या अछि। सोचय वाला बात ई अछि कि हम केवल गर्मीक छुट्टी अपन मौज मस्तीक लेल ही बिताबी,, या सिर्फ अपना लेल ही जीबी? हम अपना लेल आ अपन परिवारक लेल तऽ सब किछु करिते छी। कियैक नहिं एहि गर्मीक छुट्टीमे किछु सार्थक काज करि कऽ जरूरतमंदक मदद करी। आर्थिक मदद तऽ हम भरि साल कऽ सकैत छी, मुदा एकर अलावा सेहो हुनका किछु चीजक जरूरत होइत छैन्ह जे हम सिर्फ अपन छुट्टीक दिनमे ही कऽ सकैत छी। कियैकि हमर व्यस्त जीवनमे अपना लेल ही समय निकालब मुश्किल रहैत अछि। गर्मीक छुट्टमे ओहि बच्चा सभक लेल किछु काज करी जकरा लऽग आधुनिक सुख- सुविधाक अभाव छैक।
रोजमर्राक जिंदगीमे हम देखैत छी कि छोट-छोट बच्चा मजबूरीवश सड़क पर फूल बेचि रहल अछि, तऽ कियो ककरो घरक काज करैत अछि। कियो लोकक गाड़ी साफ करैत अछि। स्कूल जेबाक वयसमे आर्थिक तंगीसँ जूझैत मजबूरीवश हुनकर माता-पिता हुनका ई काज करय लेल कहैत छथिन। हम अहाँ सक्षम आ पढ़ल-लिखल छी तखन कियैक नहिं एहि गर्मी छुट्टीमे हम ओहि बच्चाकेँ इकट्ठा कऽ हुनका ज्ञान अर्जित करयमे मदद करी। छुट्टीक सदुपयोग करी कऽ हम अपने हुनका पढ़ाबी आ हम एतेक सक्षम तऽ छी कि एक या दू बच्चाक आर्थिक मदद आ हुनकर पढ़ाईकेँ खर्च उठा सकैत छी।हमसब मिलि कऽ अगर किछुओ बच्चाक मदद कऽ दी तऽ एक दिन ई मदद पैघ रूप लऽ कऽ ओहि बच्चा सभक जिंदगी बना देत।
एहि प्रकार हम अपन शिक्षित होइकेँ सदुपयोग एहि गर्मीक छुट्टीमे किछु रचनात्मक ढंगसँ कऽ सकैत छी। एकर अलावा बेरोजगार आ अशिक्षित महिलाकेँ सेहो शिक्षा दऽ सकै छी ताकि ओ अपन पैर पर ठाढ़ भऽ सकैथ। एहि छोट कदमसँ बहुत पैघ बदलाव आनल जा सकैत अछि।
आस-पड़ोसक सार्वजनिक स्थान जेना मंदिर, पार्क आदिमे अपन घरक आस-पासक गरीब बच्चा सभकेँ खिस्सा-पिहानी सुनेनाइ, अंताक्षरी खेलेनाइ, खेल-खेलमे
पढ़ेबाक काज कऽ सकैत छी। लड़की सबकेँ मासिक धर्मक बारेमे अनौपचारिक रूपसँ बताओल जा सकैत अछि। बच्चा सभकेँ किचन गार्डनिंग सिखा सकैत छी। गार्डनिंग सिखलासँ बच्चाकेँ पता चलैत अछि कि हम जे भोजन करैत छी ओ कतेक मेहनतक बाद हमर थारी तक अबैत अछि। एहिसँ अप्रत्यक्ष रूपसँ बच्चा सभकेँ वनस्पति शास्त्रक पढ़ाई भऽ जेतेन। बच्चा सभकेँ पार्क लऽ जा कऽ हुनका योग व कसरत करबाक लेल प्रेरित कएल जा सकैत अछि। बच्चा सभकेँ एकटा कागज पर अखबार आ पत्रिकासँ शब्द सब ताकि कऽ खेल-खेलमे लिखय लेल कहबाक चाही। जे जतेक बेसी शब्द लिखत जीत ओकरे हेतै। एकर फायदा ई हैत कि बच्चा खेल-खेलमे बहुत रास नब शब्द सीखत। छुट्टीक उपयोग व्यक्तित्व विकासक लेल कएल जा सकैत अछि। बच्चाकेँ घरक काजमे हाथ बंटेबा लेल प्रोत्साहित करी। एकर तहत घरक फर्नीचर, सजावटकेँ वस्तु, कपड़ा, किताब-काॅपी , कम्प्यूटर आदिक रखरखावमे घर वालाक मदद करबाक आदति सेहो बनि जेतय। एहि प्रकारसँ आधुनिक सुविधा आ सामर्थ्यक अभाव वाला बच्चा सभ गर्मी छुट्टीक समयकेँ सदुपयोग एहि तरहें कऽ सकैत अछि।
जय मिथिला, जय मैथिली।

आभा झा
गाजियाबाद