“ई सोसल मीडिया घर तोड़बाक काज सेहो क’ रहल अछि..”

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— अखिलेश कुमार मिश्र।   

सभ सं पहिले इ बुझु जे सोशल मीडिया अछि की। सोशल मीडिया के अर्थ जेकरा मैथिली मे सामाजिक माध्यम कहल जा सकैत अछि। इ एहेन मंच (स्थान) अछि जतय आपसी सम्बंध आ बातक आदान प्रदान के लेल अंतर्जाल (इंटरनेट) या अन्य माध्यम द्वारा आभासी पटल (कम्प्युटर, लैपटाप, मोबाइल आदि) के प्रयोग मे आनल जाइत अछि। एकर उपयोग व्यापारिक प्रचार प्रसार, ऑफिसक काज ग्रुप बना क’ आ बहुत तरहक अन्य काज सभ कैल जाइत अछि। सोसल मीडिया के एसबीएच एसएन पइघ उदाहरण फ़ेस बूक अछि। व्हाट्सप्प, ट्विटर, यूट्यूब आदि सेहो सोसल मीडिया अछि। सोसल मीडिया (जे आइ काल्हि एलेक्ट्रोनिक अछि) द्वारा कुनो बात- समाचार सेकंड भरि में करोड़ो लोक तक भेजल जा सकैत अछि।
दुनिया में आब एखन दू तरहक बात भेनाइ शुरू भ चुकल अछि। एक भेल वर्चुअल आ दोसर भेल फिजीकल। जे हाल बनल जा रहल अछि ताहि मे आब बाला समय में सभ खाली एक दोसार सं वर्चुअल (अभाषी) भेंट घाट करत। इ एहेन माध्यम बनि गेल अछि जतय सभ कियो अपन बात आसानी सं कहि सकैत अछि। सुगमता सं पहुँच आ सर्वसाधारण द्वारा एकर प्रयोग के चलते बुझु जे सामाजिक क्रांति आनि देलक अछि। एखन सभ एक दोसार सं बेसक अभाषी रुपे ही जुडल छी, मुदा बहुत बेसी जुड़ाव भ गेल अछि। अगर इ सोसल मीडिया नै रहैत त सभ कतौ कतौ रहितौ एक दोसार के नहि जानि पाबितौ।
विज्ञानक अतेक पइघ उपलब्धि के चलते सामाजिक स्तर पर एकर व्यापक असर देखल जा सकैत अछि। लोक सभ (जनसामान्य) बहुत जागरूक भ गेल अछि। सभ तरहक सूचना (नीक बेजाय) सं आकंठ तक डूबल अछि।
एकर बहुत किछू फायदा देखल गेल अछि, जेना:
1. जेकरा में जे गुण नुकायल छल से निधोक भ’ सामने आबि रहल अछि।
2. नोत-पिहान के कार्ड आ आदमी भेजइ के झंझट खत्म।
3. हजरों आदमी के बीच में चिन्हार।
मुदा जेख्न सभ किछु सुगमता सं उपलब्ध होइ के कारणे बहुत किछु खराबी सेहो अछि, जेना:
1. वर्चुअल जुड़ाव के चलते वास्तविक जुड़ाव घटि रहल अछि। दूरक ढ़ोल सुहाना के चलते, अपन माय-बाप कनियाँ परिवारक चिंता कम आ दूर राहनिहार अंतरंगक चिंता बेसी।
2. यूट्यूब फ़ेस बूक देखि क लोक सभ बहुत तरहक अपन परंपरा छोड़ि दोसरक परंपरा (पावनि तिहार, रीति रिवाज) अपनाब लगलाह अछि।
3. सामाजिक अपनापन के अभाव।
4. साइबर क्राइम आ अन्य क्राइम के खतरा।
5. सांप्रदायिक दंगा मे एकर प्रयोग।
6. यौन उत्पीड़न आ शोषण के बेसी संभावना।
7. मनोरंजन सुगमता सँ उपलब्ध त पुरनका रामलीला, नाच नाटक आदि के लोप भेनाइ। आदि।
एकर नीक पहलू जे हम अहाँ सभ अतय एकत्रित छी आ एहि विषय पर चर्चा कs रहल छी।

जेखन सोसल मीडिया का प्रभाव अतेक वृहत अछि तs परिवार अछूता कोना रहत। मोबाइल आ सोसल मीडिया के चलते एक रूम में बैसल बेटा के दोसर रूम में रहैत माय के हाल के बारे नै बुझल। कनियाँ के अपन पति के बारे में या पति के अपना पत्नी के बारे में सही जानकारी नै। इ सोसल मीडिया घर तोड़ के काज सेहो कs रहल अछि। सोसल मीडिया लोक कें तकेक बाहरी/आभाषी सोसल कs रहल अछि जे परिवारक ताना बाना छिन्न भिन्न भs रहल अछि, मुदा मूक बधिर भs टुकुर टुकर देखि रहल छलाह।