“एखन के समय मे सोशल मीडिया एकटा आवश्यक संसाधन के काज क’ रहल अछि।”।

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— पीताम्बरी देवी। 

अखनि के समय में सोशल मीडिया एकटा आवश्यक संसाधन के काज क रहले।बाल बच्चा प्रदेश बसै छै ओकर हाल चाल तुरत में भेट जाईत छै। भिंडियों पर दूर देश में रहैवला अपन सर सम्बन्धिक सब से बात चित भ जाई छै ।ओकरा देख लैत अछि।जतेक कार्यालय अछि सब ठाम आब कम्प्यूटर पर काज होईत अछि।दूर दूर आफिस में बैसल पदाधिकारी सब अपन अपन आफिस में बैसले बैसल मीटिंग क लैत छथि।फैल के आदान प्रदान कम्प्यूटर के माध्यम से भ जाईत अछि।घर बैसल भोजन होटल से पहुंच जाईत अछि।करोना काल में बच्चा सब के पढ़ाई,आफिस के काज सबटा सोशल मिडिया पर घर बैसल भेले।सोशल मिडिया बहुत उपयोगि साधन अछि।आब लोक सोसल मिडिया पर विवाह जनौ के कार्ड दय के आमंत्रित सब के कय दैत छथिन।एक खाता से दोसर खाता में पाई तुरंत चल जाईत अछि।बीजली बील गैस सबटा सोशल मिडिया के माध्यम से भ जाईत अछि।घर बैसल ओनलाइन सामान आबि जाईत अछि।पहिले प्रदेश में रहैवला के कुशल समाचार एक सप्ताह के बाद डाक के माध्यम से मेटै छलै पोस्टकार्ड लिफाफा में चिठ्ठी भेजल जाई छल। ओह ओहो कि दिन छल ।एक चिठ्ठी के मा पाच छः बेर पढ़ाबे जखनि भाई सब के चिठ्ठी अबैत छल।सोसल मीडिया के माध्यम से अपन बचपन के संगी साथी सब भेट जाईत छथि जे हेरा गेल छलि।हजारों बिना देखल मित्र सब छथि जे बहुत करिबि लगैत छथि सब दिन एना सोसल मीडिया पर बात होईत अछि जेना अपन भाई बहिन से भेट भ रहले‌। सोसल मिडिया के बहुत उपयोगी साधन अछि।सोसल मीडिया के बहुत साधन अछि जेना फोन, कम्प्यूटर, लैपटॉप,स्ट्राग्राम, यूट्यूब,आदि अनेकों तरहक संसाधन सब अछि। आब ते एहेन भय गेले जे बिना मोबाइल के रहनाई मुस्किल लगैये कोनो कारण से एक दिन नेट नै अबैये ते सब त्राहि त्राहि मचबय लगैत अछि। विना नेट के औफिस तक में काज नै भ पबैये। बैंक के काज नै होई ये ।जेना बहुत रास ग्रुप सब सोशल मिडिया के माध्यम से विवाह दान से हो करबैत छथि जेना दहेज मुक्त मिथिला, घटकैति मंच, आदि आदि ‌। हम ई कहब जे अखनि के समय में सब सोशल मीडिया के गुलाम भय गेले।विना नेट के अनेकों काज ठप परि जाई ये।
हानि
सोशल मीडिया के सब के एहेन आदत भय गेले जे बिना मोबाइल के कियो एक डेग चलै तक नै अछि।घर में चारि गोटे रहितो कियो आपस में गप्प नै कय के हाथ में मोबाइल लय के मगन रहैत छथि।यदि कियो ओ,टी,पी गलती से दय देलनि ते बैंक के खाता से तुरत पाई खिचा जेत। अखनि नवका लड़का लड़की सब फोन पर प्रेम के चक्कर में परि जाईत छथि ।कियो कियो एहेन फसै छथि जे जान तक गमवय परैत छनि ‌। घर में काज परल रहैत अछि आर नेट चला रहल छथि।बच्चा कानय लागल ते ओकरा हाथ में मोबाइल धरा देलौ। अनावश्यक घंटों केकरो से बात क रहल छि।गाड़ी चला रहल छि आर बात को रहल छि जैसे दूर्घना के डर रहैत अछि। सोशल मिडिया पर घुमय के फोटो सब देलियै आर चोर घर में घुसि के चोरि क लेलक।कियो कियो बिच सड़क पर चलैत रहै छथि आर फोन में एतेक मगन रहैत छथि जे जान तक चल जाई छनि।कखनो के बिना देखल लोक से झगड़ा भय जाईत अछि।कियो कियो अश्लील वीडियो अश्लील गीत अश्लील बात सब लिख दै छथिन जाहि से सोशल मिडिया के माध्यम से बहुत गोटा ब्यथित भय जाईत छथि।एन केन प्रकारेण जेना मनुष्य में गुण दोष दूनू अछि तहिना सोशल मिडिया से हो गुण दोष दूनू लय के चलैत अछि।
पीताम्वरी देवी।