“परिवारिक जीवनपर सोशल मीडियाक प्रभाव।”

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— अदिती सिंह।     

कोनो चिज में दु पेहलु होय छय आब आहां जेना के जेकरा देखियै,,,

बहुत निक विषय अछि आय काइल के युग में सोशल मीडियाक प्रभाव घर परिवार लेल बहुत बरका घातक स्थिति दिनो प्रतिदिन सिद्ध भेल जा रहल अछि ,,सब सं बेसी प्रभाव बच्चा सब पर पैर रहल अछि सोशल मीडिया के,, पहिने सबटा संस्कार बच्चा सबके अपन घर परिवार में माई बाप बुढ पुरान जतेक लोक छैथ तिनका सं भेटय छेलैन लेकिन आधुनिक युग में सबटा खतम भेल जा रहल अछि तेकर कारण अछि सोशल साईड ,,कहल जाय छय जे बच्चा सब जे देखय छय अपन परिवार मे वेह सिखय छय तांय आय काईल के बच्चा सब बेस सं बेसी ब्यापक आ असंस्कारी बुझा रहल ऐछ जेकर कारण छय सबहक हाथे हाथ मोबाइल आ सोशल मीडिया जे एकदम संस्कार के खतम क रहल छय,, एहन इस्थिति भेल जा रहल छय जे एक बुढ पाइन लेल काहि काटय रहल छैथ आ हुनका पाइन देनिहार सोशल साइट में ब्यस्थ छैथ एकटा बच्चा भुख से काइन रहल अछि लेकिन खेनाय खुवेनिहार सोशल साइट में ब्यस्थ छथि जे बहुत अनुचित बात भेल ,,पहिने घर परिवार में कोनो बात बिचार आपस मे केल जायत छय आब घर परिवारक त बाते छोरु पर्सनलो बात सोशल साइड पर हुव लागल हे जेकर कारण दिनो प्रतिदिन संबंध में बढैत दुरी देखा रहल अछि,, आय सं किछु साल पहिने तक सबटा ठिक छल जं जं समय बढैत गेल लोकक मानसिकता आ स्मार्ट मोबाइल सोसल साइड सबटा नाश करैत गेल ,,हर पाबैन तिहार में लोग गाम जाइत छल बुढ बुजुर्ग के पैर छुक प्रणाम करैत छल छोट सबके अपन आशिष दैत छल आब गाम गेनाय त दूरक बात सोसले साइड पर अपन सबटा फर्ज के फौरमेलिटि निभा लैत अछि,, कोनो केकरो सं गप्प करैक टाइम नय छय लेकिन सोशल साइट पर चौबिसो घंटा बैसल रहय ये जेकर दुष्यपरिणाम बच्चा सब पर पैर रहल ऐछ बच्चाक सिक्षा सं लके बच्चाक हर निक खराब में ओकर परिवार ओकर ढाल बनैत छल लेकिन आधुनिक युग में ई सोशल साइट सबटा खतम् क देलक ,,आपस में पति पत्नी के दुरि बढैक कारण सोशल साइट बच्चाक मानसिक बिकास नय भेनाय सोशल साइट बरका करण अछि,, पढाय लिखाय स्कूल काॅलेज सबटा सोशले साइड भ गेल जेकर दुश्यपरिणाम धिरे धिरे बढल जा रहल अछि ,,बच्चा सब के जन्म लैत देरी मोबाइल पकरा देल जाइत छय जाहि सं कने देर ओ चैन रहत गार्जियन अपन पल्लु छाइर लैत छथि जेकर परिणाम छोट छोट बच्चा सब के स्वास्थ पर परैत छय उमर से पहिनेहे कतेको बिमारी के सिकार भेल जा रहल अछि ,,,,,, सोशल साइट के कारण बिबाह दान जन्म मृत्यु सबटा खेल बनल जा रहल अछि हरेक चिज अपन दायरा में ठिक लगय छय लेकिन सोशल साइट के कारण सबटा तहस नहस भेल जा रहल छय हर सिक्का के दुटा पेहलू होय छय सोशल साइट के कोना चलाबी से आहां पर निर्भर अछि सबटा खराबिये नय छय हमर आहांक मानसिकता खराब भेल जाइए से निक बात नय आय सोशल साइट बहुतो के एकटा प्लेटफार्म के रुप में अपन रोजी रोजगार के रुप में सेहो भेटल छैन ,,बहुत के अपन नुकेल प्रतिभा के बाहर अनैक सेहो मौका भेटलनि दु पाइ कमाईक सेहो अबसर भेटलैन अपन परिवार के चलबैइक सहारा भेटलैन तांय सिक्का के दुनू पेहलु देखु सिर्फ एखटा देखबय त सोशल साइट सबटा तहस नहस क के राईख देत अति सवत्र बज्रयेत।।।।।अति किछो नय हेबाक चाही ई सोशल साइट छीयै हमर पुरषाक बनल आ बसेल घर परिवार नय तांय हरदम एक बात ध्यान रहे हम जे करबय वेह हमर आगु पिढी के बच्चा सिखत ,, सोशल साइट पानिक बुलबुला छी कखनो फुइट जेत सोशल साइट के प्रभाव घर परिवार पर पैईर रहल अछि जे सोसनिए विषय ऐछ जेकरा सब कोई सुचु आ दुर रहु ।🙏🙏✍️

अदिति सिंह दरभंगा बिहार