मिथिलाक धार्मिक कुम्भ:मिथिला माध्यमिकी परिक्रमा

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जनकपुरधाम,२ मार्च२०२३,मैथिली जिन्दावाद।।   विश्वक सब सऽ पैघ धार्मिक पदयात्राक रुपमें चिन्ह जाएबला मिथिला माध्यमिकी परिक्रमा फागुन २३ गते सऽ विधिवत सुरु भेल अछि।ई धार्मिक पदयात्राकेँ नेपाल आ भारतबीचक धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पारम्परिक सदभावक प्रतीक केर रुपमें सेहो जानल जाइत अछि।
मिथिलाक ऐतिहासिक, पौराणिक आ धार्मिक आस्थाक धरोहरक रुपमें रहल मिथिला माध्यमिकी परिक्रमा २३गते सऽ सुरु भऽ १५ दिनधरि होइत अछि। परिक्रमामें नेपाल आ भारतक विभिन्न स्थानक साधुसन्त एवं श्रद्धालुसभक सहभागिता रहैत अछि।
प्राचीन मिथिलाक राजधानी जनकपुरधामक अग्निकुण्डसँ किशोरीजी अर्थात् माता जानकीजी केर आ कचुरी मठसँ मिथिला विहारी अर्थात् भगवान् मर्यादापुरूषोत्तम रामचन्द्रक दु प्रमुख डोलाक नेतृत्व रहल मिथिला माध्यमिकी परिक्रमा विधिवत रुपसँ सुरु भ’चुकल अछि।
धनुषा जिलाक मिथिलाबिहारी नगरपालिकास्थित ठेरा कचुरी मठ स’ भगवान् राम आ जानकीक डोलासहित परिक्रमा सुरु भेल  ।
पहिल राति धनुषाक हनुमाननगरमें विश्राम क’ परिक्रमामें सहभागी साधुसन्त तथा श्रद्धालु लोकिन प्रात: भोरे पूजापाठ कऽ भारतक बिहार राज्यस्थित कल्याणेश्वरक लेल प्रस्थान कएने छलाह।
फागुन मासक अमावस्याक दिन धनुषाक ठेरा कचुरी गाम सऽ निकलल मिथिला विहारीक डोला आ जनकपुरक रत्नसागर आ अग्निकुण्डसँ निकलल किशोरीजीक डोला जानकी मन्दिर भऽ जनकपुरक हनुमाननगर पहुँचला बाद माध्यमिकी परिक्रमाक विधिवत सुरुवात भेल परम्परा रहल अग्निकुण्ड स्थानक महन्थ नवल किशोर शरणजी बतोलैन्ह।
परिक्रमामें सहभागीसभ क्रमशः फूलहरक गिरीजास्थान होइत महोत्तरीक मटिहानी, जलेश्वर, मडै, ध्रुवकुण्ड, कञ्चनवन, पर्वता, धनुषाधाम, औरही, करुणा,विशौल होइत पुनः कल्याणेश्वर आ तकरबाद पूर्णिमाक दिन जनकपुरधाम  पहुँचल करैत अछि ।
मिथिलाक महाकुम्भ कहि चिन्हल जाएबला यैह महामहोत्सवमें हजारौंके सहभागिता भेला बाबजूद यहि धार्मिक यात्राकेँ व्यावसायिक रुपमें संरक्षण,संबर्द्धन नहि होएब सरकारक कमजोरी रहल जानकी मन्दिरक सहायक महन्थ राम रोशन दास जीक कहब छनि ।
परिक्रमामें सहभागी सबहक लेल बृहत्तर जनकपुर क्षेत्र विकास परिषद् द्वारा पन्ध्रहो विश्रामस्थलमें विजली, पियबलापानि लगायतक व्यवस्था मिलाओल गेल अछि। परिक्रमाबासी राति गाम सऽ दुर खुला चौरी, फुलबारी या पोखरिके मोहरपर विश्राम करैत अछि । स्थानीय गामबासी सब सेहो सहभागीलेल  अन्न, जारनि कऽ प्रवन्ध कऽ पुण्यक भागी बनल करैत अछि ।
नेपाल भारत दुनु देशक धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पारम्परिक सदभावक प्रतीक बनल यैह परिक्रमा यात्रामें नेपालक१३ तथा भारतक २ टा क जम्मा १५ वटा विश्रामस्थलसभ रहल अछि ।

 

मिथिला महात्म्यअनुसार १८औं शताब्दीसँ ई धार्मिक यात्राकेँ माध्यमिकी परिक्रमाक रुपमें मनबैत आएल अछि । यहि यात्राक सहयात्रीसभ नेपालक १०७ एवं भारतक २६ टा क १३३ कि.मि. भूमिमें पैदलयात्रा तय करबाक परम्परा रहल अछि।
प्राचीन मिथिलाक राजधानी जनकपुरधामक चारओ कोन पर स्थापना भेल चार शिवालय कल्याणेश्वर, जलेश्वर, क्षीरेश्वर आ सप्तेश्वरनाथके आधार मानि परिक्रमा करबाक परम्परा रहल अछि।