जनकपुरमें सफलतापूर्वक सम्पन्न भेल”जनकपुर साहित्य महोत्सव”

326

जनकपुरधाम,28 फेब्ररी2023।मैथिली जिन्दाबाद!! जनकपुरधाममें फागुन ११ गतेस’ १३गतेधरि तीन दिवसीय चारिम ‘जनकपुर साहित्य महोत्सव’ सफलतापूर्वक सम्पन्न भेल।नवमिथिला फाउण्डेसनक आयोजन आ फ्याक्ट्स नेपालक प्रमुख प्रायोजनमें भेल  महोत्सवक अहिबेर चारिम संस्करण छल।

साहित्य महोत्सवक उद्घाटन बृहस्पतिदिन  २ः३० बजे जानकीमन्दिरक परिसरमें प्रमुख अतिथि नेपालक प्रथम राष्ट्रपति रामवरण यादव आ विशेष अतिथि मधेस प्रदेशक मुख्यमन्त्री सरोजकुमार यादव संयुक्त रुपमें स’ कएने जानकारी नवमिथिला फाउण्डेसनक उपाध्यक्ष आदित्य नेपाल देलैन्हि।

कार्यक्रममें ‘अमित झा साहित्य संगीत पुरस्कार’ वितरण कायल गेल संगहि अन्तरविद्यालय वक्तृत्व प्रतियोगिताक निर्णायक प्रतिस्पर्धा आ संगीत सन्ध्यामें (कुटुम्ब आ मिनापक) दमदार सांगीतिक प्रस्तुति भेल छल।तहिना, प्रबुद्ध मन्तव्य राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टीक सांसद शिशिर खनाल, उद्योग वाणिज्य महासंघक उपाध्यक्ष अन्जन श्रेष्ठ आ डॉ. विजयकुमार सिंह (दनुवार)कए सहभागी रहथि।

वि.सं.२०७६ सालस’ प्रत्येक वर्ष आयोजना होइत आएल महोत्सवमें अहि वर्ष साहित्य, संगीत, सिनेमा, संस्कृति, पहिचान, समाज आ राजनीतिसम्बन्धी विभिन्न २० टा ओपन–एयर प्यानल छलफल भेल उपाध्यक्ष नेपाल जानकारी देलथि।जनकपुर साहित्य महोत्सवमें विधार्थी, राजनीतिज्ञ, कलाकार, संगीतकार, लेखक लगायतक सहभागिता रहल छल । महोत्सवमें नेपालभरिक साहित्यप्रेमी सभक सहभागिता देखल गेल छल ।साहित्यिक क्षेत्रक प्रवर्द्धन करबाक उद्देश्यक साथ आयोजना भेल महोत्सवमें देशभरिक ख्याति प्राप्त स्रष्टासभक सहभागिता  रहल उपाध्यक्ष नेपाल जानकारी देलथि।महोत्सवमें ‘समावेशिताः परिकल्पना र अभ्यास’, ‘अपन समाजके घुरिक’ तकला पर’, ‘घेघ बनल घोघ’, ‘युवा : संस्कार र परिष्कार’, ‘सहिद दिलीप महतोके मोन पाडैत’, ‘सञ्जालको बवाल’, ‘राजनीति : अभियान र अवसर’, ‘सम्झनामा प्रदीप दाइ’, ‘हामीले गुमाएको खेलकुद’ आ विभिन्न अन्य विधा सबके समावेश करैत २० सँ अधिक सत्रसब रहल बताओल गेल छल ।

सत्रसबमें वक्ता आ सहजकर्ताक रुपमें स्थानीय स’ राष्ट्रियस्तरक व्यक्तित्वसभक सहभागिता रहल  छल ।किताबक लोकार्पणस’ स्थानीय, राष्ट्रिय आ अन्तर्राष्ट्रिय कलाकारक प्रस्तुति सेहो महोत्सवमें समेटल गेल छल त ताहिना महोत्सवक अन्तिम दिन फागुन १३ गते भारतक चर्चित गायिका मैथिली ठाकुर अपन पिताक सँग महोत्सव में सांगीतिक प्रस्तुति देने छलीह।