“सैद्धांतिक आ व्यवहारिक दुनू तरहक ज्ञानक संतुलन होयब आवश्यक।”

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— भावेश चौधरी। 

व्यवहारिक अनुभव अनेकानेक कारण सँ ज्ञानक बहुमूल्य स्रोत अछि । ई व्यक्ति के वास्तविक दुनिया केऽ परिस्थिति में सैद्धांतिक अवधारणा के लागू करै के अनुमति दैत छैन, जाई सँ गहराई के समझ आ ऊचित निर्णय लेबै के क्षमता भेटैत छै।एकर अतिरिक्त व्यावहारिक अनुभव सऽ नया अंतर्दृष्टि आ दृष्टिकोण सेहो भेटैत अछि। ई अनुभव आ ज्ञान खाली सैद्धांतिक अध्ययन के माध्यम स नै भ सकैत अछि ।

  1. व्यावहारिक अनुभव के एकटा प्रमुख फायदा ई छै कि ई व्यक्ति के वास्तविक दुनिया के ज्ञान प्राप्त करै के अनुभव दै छैन। जेना कि इंजीनियरिंग जेहन विषय के अध्ययन करैत काल विद्यार्थी मशीन केना काज करै छै एकर सैद्धांतिक अवधारणा सीख सकै छै, लेकिन व्यावहारिक अनुभव के माध्यमे टा स ई समझै में सक्षम होई छथि कि ई ज्ञान के वास्तविक दुनिया के परिवेश में कोना लागू करलऽ जाय । एकरऽ कारण छै कि व्यावहारिक अनुभव व्यक्ति के कोनो अवधारणा केऽ वास्तविक कार्यान्वयन के देखै के अनुमति दै छैन। अई स ओकरा विषय केऽ बारीक आर जटिलता के बुझई में मदद भेट सकै छनि।
    व्यावहारिक अनुभव के एकटा आर फायदा ई छै की ई व्यक्तिक समस्याक समाधान के कौशल विकसित करय कें अनुमति देयत अछि। जेखन व्यक्ति के वास्तविक दुनिया के समस्या के सामना करय पड़ै छै त ओकरा सैद्धांतिक अध्ययन के माध्यम स॑ प्राप्त ज्ञान के उपयोग करबाक चाही आ ओकरा अपनऽ अंतर्ज्ञान आ रचनात्मकता के संग मिलाय एकरऽ समाधान खोजना चाही। ई प्रक्रिया व्यक्ति के आलोचनात्मक सोच,कौशल कें विकास आ समस्याक के समाधान के लेल अपन दृष्टिकोण मे बेसी अनुकूलनशील आ साधन संपन्न बनय मे मदद करएयत छै।
    व्यावहारिक अनुभव व्यक्ति के ऊचित निर्णय लेवा के क्षमताक विकास के सेहो अनुमति प्रदान करई अछि। जेखन व्यक्ति के वास्तविक दुनिया केऽ समस्या के सामना करय पड़ै छै त ओकरा उपलब्ध विकल्पऽ के तौलनाय आर विषय के बारे में अपनऽ ज्ञान आ समझ के आधार पर निर्णय लेबाक चाही। ई प्रक्रिया व्यक्ति के निर्णय लेवय कें कौशल विकसित करय मे मदद करय छै आ ऊचित निर्णय लेबय के क्षमता मे बेसी आत्मविश्वासी बनबैत छै।
    एकरऽ अलावा व्यावहारिक अनुभव स नया अंतर्दृष्टि आर दृष्टिकोण सेहो भेट सकै छै जेकरऽ खोज खाली सैद्धांतिक अध्ययन के माध्यम स॑ नै संभव। जेना कि वास्तविक दुनिया के परियोजना पर काज करय के समय व्यक्ति कें सामने नव आ अप्रत्याशित चुनौतिक सामना करय पड़ी सकय छै।एहि स नव खोज आ नवीनता आबि सकैत अछि,जे खाली सैद्धांतिक अध्ययन स संभव नहि होइत ।
    निष्कर्षतः व्यावहारिक अनुभव ज्ञानक बहुमूल्य स्रोत अछि । ई व्यक्ति के वास्तविक दुनिया केरऽ परिस्थिति में सैद्धांतिक अवधारणा के लागू करै के अनुमति दै छै, जेकरा स गहराई स समझ आर ऊचित निर्णय लेबै के क्षमता मिलै छै । व्यक्ति के लेलऽ ई जरूरी छै कि सैद्धांतिक आर व्यावहारिक दुनू तरह के ज्ञान स संतुलन होय ​​ताकि ओ अपनऽ-अपनऽ क्षेत्रऽ में प्रभावी भ सकथि।