“आब महिला सभ शिक्षा के संग-संग आत्मनिर्भर सेहो भ’ गेल छथि।”

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— नूतन झा।   

आब महिला के अपन अधिकार के बारे में पता छेन ओ हर स्थान पर अपन बात खुली क राखे छेथ आ एकर मूल कारण शिक्षा अछी किछु अपन ज्ञान स किछु बाहरी ज्ञान स किया आब महिला सब शिक्षा के संग संग आत्म निर्भर सेहो भ गेल छेथ कूनू नै कूनू माध्यम चाहे ओ हुनकर कला या कूनू बडका पद पर अपन व्यवसाय या नोकरी स बहुत किछु अधिकार के लेल ज्ञान छेन महिला संक्षम त पहिलो छेली ने त रानी लक्ष्मीबाई, अहिल्याबाई, इन्दिरा गांधी,आरो महिला सब छेथ जे अंतरिक्ष तक पहुंच गेल छेथ तययो एकटा झिझक छल जे आब एकटा स्वतंन्त्र रूप ल रहल अछी आब कियो हुनका लग एकटा तर्क राखे छेथ त ओ चाईटा विकल्प राखी देत छेथ स्त्री आब सिर्फ माय, बहिन,पुतोह,सास बनी क नै रहली ओ बहुत किछु क सकेत छेथ आ बहुत हर्ष होयये किया पुरूष प्रधान के देश रहल अपन गाम अपन शहर मुदा आब पुरूषों सब पूर्ण सहयोग करे छेथ पहिले आपत्ति होये न मुदा आब कियो स्त्री एक कदम बढ़बे त छेथ त पुरुष सब हुनका चारी कदम ओर के प्रोत्साहन करे छेथीन हर क्षेत्र स्त्री अपन परचम लहरा रहल छेथ मुदा एकर श्रेय अपन सबके पिता, पुत्र सहयोगी आ जीवन साथी के बहुत सहयोग छेन ओही के नजर अंदाज ने क सके छी इहो सत्य अछी जे किछु के भार एकटा महिला उठा लेलेथ ओकर परिणाम सुखद होयत अछी घर परिवार स लक समाज तक आ जमीन स लक आसमान तक हर क्षेत्र में अपन लगन मेहनत स खूब नाम यश कमा रहल छेथ मुदा इहो सत्य अछी जीवन पुरूष स्त्री के जीवन संग एक समान अछी नै कियो कम आ कियो बेसी।