श्री सीताराम विवाह महामहोत्सव:सिया-पिया मिलन

 जनकपुरधाम। २५ नवम्बर २०२२, मैथिली जिन्दाबाद!!

राम जानकी विवाह महोत्सवक दोसर दिन बृहस्पति कय फूलबारी लीला सम्पन्न भेल । राम आ सीताबीच पहिल मिलन फूलबारीए भेल वर्णन अनेक धर्मग्रन्थसभमें उल्लेख रहल अछि। सात दिवसीय विवाह महोत्सवक क्रममें फूलबारी लीला विशेषरुपसँ मनएबाक चलन अछि।

जानकी मन्दिरसँ उत्तरमें अवस्थित विवाह मण्डप आगा रहल फूलबारीमें सीता आ रामबीच पहिल मिलन भेल छल। ‘सिया–पिया मिलन’ अर्थात फूलबारी लीला देखयबाक लेल हजारौं केर सहभागिता रहल छल ।

महाकवि चन्दा झा मैथिली भाषाक रामायणमें राम–सीताबीच कय पहिल मिलनक सम्बन्धमें लिखने छथि- ‘सीता रामचन्द्र मुख हेरी, अनिमिष–आँखी निमिष नहिं फेरि ।’ अर्थात् सीता आ रामक पहिल मिलन बेरमें अनन्तकालधरि एक दोसरा कए देखते रहि गेल छलथि । फूल तोड़ लेल फूलबारी गेल सीता आ गुरु विश्वामित्र जीक पूजा प्रयोजनक लेल वएह फूलबारीमें फूल तोड़ गेल रामक पहिल मिलन लीलामें जानकी मन्दिरक महन्त रामतपेश्वर दास वैष्णव, छोटे महन्त रामरोशन दास वैष्णवसँग उपस्थित श्रद्धालुसब पुष्प केर वर्षा करैत हर्ष  बढ़ा रहल छलाह।फूलबारीमें रामसीता बीच प्रथम मिलन उत्सवमेँ  मुख्य गायक (व्यास) महेन्द्र दास सुमधुर स्वरमें गाबि रहल छलाह – ‘’लागल जनकपुरमे मेला, देखेला मोरा मनमा करेला ।’’ दासक यहि प्रसङ्ग कए सिया–पिया मिलन समारोहक संज्ञा देल जाइत अछि। लाल कार्पेट पर अपन सखी-बहीनपा सँग फूल तोड़बाक लेल गेल सीता आ अनुज लक्ष्मणसँग फूलबारी घुमए लेल आएल रामबीच पहिल मिलन भेल छल ।

बुधदिन नगर दर्शनसँग प्रारम्भ भेल रामजानकी विवाह महोत्सवक दोसर दिन ‘फूलबारी लीला’ सम्पन्न भेल अछि । ‘सखी फूल तोडय चलल फूलवरिया, सीताकेसँग सहेलिया’ गीतक धुनमें फूलबारी प्रवेश कएने सीता आ रामबीच पहिल मिलन समय सीताक पिता जनकक भूमिकामें रहेका जानकी मन्दिरक महन्थ रामतपेश्वर दास वैष्णव भावुक भ’गेल छलाह – ‘बेटीक विवाहक समयमें पिता भावुक भ’जाइते अछि।’ महन्थ दासक प्रतिक्रिया रहल छल। जानकी मन्दिरक महन्थ सीताजीकेँ बेटी के रुपमें प्रेम करबाक  परम्परा रहल अछि ।

राम जानकीक विवाह भेल स्मरणमें अगहन शुक्ल पञ्चमीक दिन सीताक जन्मस्थल जनकपुरधाममें प्रत्येक वर्ष विशेष महोत्सव आयोजन होइत अछि। अगहन ७ गतेसँ सुरु भेल विवाह महोत्सव अगहन १३ गते रामकलेवा सँगहि सम्पन्न होयत ।

जानकी मन्दिरक छोटे महन्थ रामरोशन दास वैष्णवक अनुसार– साताव्यापी महोत्सवक पहिल दिन नगर दर्शन, दोसर दिन फूलबारी लीला, तेसर दिन धनुष यज्ञ, चारिम दिन तिलकोत्सव, पाँचम दिन मटिकोर, छठम दिन विवाह महोत्सव तथा सातम दिन रामकलेवाक आयोजना होएत। विवाह महोत्सवक अवसरमें साधु सेवा समिति, स्थानीय युवा क्लवहरु, जानकी मन्दिर तथा बृहत्तर जनकपुर क्षेत्र विकास परिषदलगायत सभक सक्रिए भूमिका निर्वाह करैत अछि।