“एहि तकनीकी युगमे हस्तकलाकेँ कोना सहेजि कऽ राखल जाय?”

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— आभा झा

अपन देशक आ अपन मिथिलाक हस्तकला सांस्कृतिक धरोहरक अमूल्य देन अछि, हस्तकला सँ अभिप्राय हाथ सँ बनाओल गेल कलात्मक वस्तु एवं कलाकृति सँ अछि
जे कारीगर द्वारा तैयार कएल जाइत अछि। एहेन कलाकेँ धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व होइत छैक। कला मानवक सौंदर्य भावनाक परिचायक होइत छैक और ई मानव संस्कृतिक उपज छैक। लोक कला कोनो क्षेत्र या स्थानक लोक सांस्कृतिक परम्पराक दर्पण होइत छैक। कोनो क्षेत्र या स्थानक जाति व जनजातिमे पीढ़ी दर पीढ़ी चलल आबि रहल पारंपरिक कलाकेँ लोककला कहैत छैक। भारतमे विभिन्न प्रांतमे विविध रूपमे लोक कला देखल जा सकैत अछि। एहि तकनीकी युगमे सेहो हस्तकलाक एक अलग पहचान आ महत्व अछि। अपन मिथिलामे रोजगारक असीम संभावना अछि, मुदा पलायनवादी प्रवृत्ति सँ गामक गाम आइ उजड़ि गेल अछि, जखन कि एहिठामक निवासी बिना कोनो नौकरीकेँ घर बइसल रोजगारक दिस बढ़ि सकैत छथि। आधुनिकताक चकाचौंधमे मनुष्य ऊँच ख्वाब सजेने अछि। देखल जाय तऽ ग्रामीण क्षेत्रक बेरोजगार सब सँ बेसी पलायन कऽ रहल छथि, जाहि सँ रोजगारक साधन हस्तकला उद्योग आइ विलुप्तिक कगार पर पहुँचि गेल छल। मिथिलाक हस्तकला मधुबनी पेंटिंग, सिक्की कला, कढ़ाई, बुनाई, लाखक चुड़ीक कलाकेँ, अचार, पापड़, अदौरी, कुम्हरौरी बनबैकेँ कलाकेँ लोक पहिने खाली मेलामे लऽ जा कऽ बेचैत छल आ अपन आजीविका चलबैत छल। आब इंटरनेट आ मोबाइल भेला सँ एहि हस्तकला सभक काफी प्रचार-प्रसार भऽ रहल छैक। स्वरोजगारकेँ बढ़ावा देल जा रहल छैक। आब महिला सब अपन हस्तकलाक हुनर सँ घर बइसल अपन व्यवसाय खोलि रहल छथि।मोबाइलक माध्यम सँ महिला सब अपन हस्तकलाकेँ सहेजि कऽ ओकर प्रचार-प्रसार कऽ ऑनलाइन बेचि रहल छथि। कलाकेँ पारंपरिक और आधुनिक प्रचलनक सम्मिश्रण कऽ परिधान, ओढ़नी, सलवार-कमीज, हैंडबैग, मूर्ति, गृह सज्जा, चादर सब पर अपन हस्तकला सँ एक सँ बढ़ि कऽ एक सामान सब बना रहल छथि।आजुक समयमे घर बइसल सब एक-दोसर सँ एहि कलाकेँ प्रशिक्षण लऽ रहल छथि। महिला सब आर्थिक और सामाजिक रूप सँ सशक्त बनि रहल छथि। कतेक लोक ऑनलाइन एहि हस्तकलाक प्रशिक्षण दऽ रहल छथि। कतेक गोटे तऽ फ्रीमे एकर सभक प्रशिक्षण ऑनलाइन दऽ रहल छथि जाहि सँ लोक बेसी संख्यामे अपन कलाकेँ सीख सकै। हस्तकलाक प्रति स्कूली बच्चा सभमे प्रारंभिक रूचि जगबैकेँ आवश्यकता अछि ताकि आगू चलि कऽ बच्चा जतय एक दिस रोजगार सँ जुड़ि सकैत छथि, ओतहि ओ उच्च शिक्षामे फैशन और डिजाइनिंगक क्षेत्रमे सेहो आगू बढ़ि सकैत छथि। अपन मधुबनी चित्रकलाक देश-विदेश सब जगह डिमांड बढ़ि गेल छैक। मशीन सँ बनल सामान आ अपन हाथ सँ बनाओल चीज वस्तुक कारीगरीकेँ बाते किछु और छैक। हमर सभक मिथिला राज्यक सपना तखने सफल होयत जखन हमसब अपन हस्तकलाकेँ पुनर्जीवित राखब।

आभा झा
गाजियाबाद