“कतेक घातक सिद्ध भेल ई कोरोना..!”

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— पीताम्बरी देवी।             

एका एक देश भरि में महामारी फैल गेल ।शहर में एकर प्रभाव बेसि रहल गाम घर में कम रहल।देश विदेश सब ठाम त्राहि त्राहि मचि गेल।कतेको लोक काल के गाल में समा गेल।पराईत बाट नै भेटय कत परेब सब ठाम बिमारी सब घर करोना ।सब घर में नुकाय लागल ‌‌। स्कूल कालेज बन्द भ गेल धिया पूता सब घर में बन्द ।ककरों लग कियो जाय नै ।पढ़ाई लिखाई चौपट भ गेल।बच्चा सब घर में बंद रहलाक कारण संगी साथि छुटि गेलै ।फेर स्कूल सब इंटरनेट पढ़ाई चालू केलक ।एहि मे दूनू के लाभ छल एक ते बच्चा बस के घर बैसल पढ़ाई चालू भ गेल आर दोसर प्राईभेट मास्टर सब के बेतन बंद रहलाक कारण भूख मरि भ गेल छथ से हुनका सब के घर बैसल बेतन भेटय लगलनि आर सामान्य जीवन काटय लगलि।धियो पूता जे भरि दिन उधम मचावे से ओकरो क्लास होम वर्क सब भेटय लगलै ते कनेक ब्यस्त समय कटय लगलै आर उधम मचेनाई कने कम भ गेलै । इंटरनेट पर दोस्त सब से से हो भेट हुअ लगलै ते कने बात चित से हो दोस्त सब से हुअ लगलै ते मोन प्रफुल्लित रह लगलै । इंटरनेट पढ़ाई से बच्चा सब के साल नै बरवाद भेलै आगु क्लास में बढ़ी गेल छमाही सालाना सबटा परिक्षा इंटरनेट पर पास क लेलक आर आगु क्लास में बढ़ी गेल। इंटरनेट पढ़ाई से बहुत लाभ भेलै बच्चा सब के नै मामा से कन्हा मामा ते भेलै।पढ़ाई कि छि से ते बूझैत रहलै ।नै ते पढ़ाई लिखाई के नामों छोट छोप बच्चा बिसरि जै ते।लेकिन एहि पढ़ाई से सरकारी स्कूल में कोनो लाभ नै भेलै । सरकारी स्कूल में इंटरनेट पर पढ़ाई लिखाई नहि भेल सरकारी स्कूल के बच्चा सब के बिना परीक्षा के आगु क्लास में बढ़ा देल गेल सब बच्चा के एके ग्रेड में राखल गेल।भय सकैत अछि एकर आगु बिद्दार्थी सब पर प्रभाव परय।ओना कोनो प्रभाव अखनि नै देखा रहले ।आब करोना लगभग समाप्त पर अछि।जनजीवन सामान्य भ गेले । स्कूल सब से हो खुजि गेले ‌। पढ़ाई लिखाई चालू भ गेल अछि।एहि हमामारी के समय में सब गार्जियन सब बच्चा के पढ़ाई लिखाई ल के बहुत चिंतित छलाह से इंटरनेट पढ़ाई से बाल बच्चा सब के पढ़ाई चालू भय गेल ते गार्जियन सब के से हो कने राहत भेटलनि । भगवान से प्रार्थना करै छियनि जे दोवारा कहियो एहेन संकट के सामना नै करय परय।जय मां दुर्गा सब के सदा रक्षा करबै।
पीताम्वरी देवी