“बेमेल विवाहक दुष्परिणाम”

77

— आभा झा।                     

विवाह दू आत्माकेँ संग-संग दू संस्कार एवं परिवारक संयोग अछि।बेमेल विवाह शैक्षिक,
सामाजिक,आर्थिक,शारीरिक तथा आयु में व्यापक अंतरकेँ कारण होइत छैक। बेमेल विवाहकेँ कारण वैवाहिक संबंध में दरार आबि रहल छैक। तलाककेँ स्थिति उत्पन्न भ’ रहल छैक। यदि पति-पत्नी शैक्षिक स्तर पर एक-दोसरकेँ समकक्ष नै होइत छथिन तखन विचारक आदान-प्रदान सहज नहिं होइत छैन्ह। एक-दोसरकेँ विचार आपस में मेल खेनाइ बहुत जरूरी छैक। समझकेँ अभाव रहला सँ निरर्थक आरोप-प्रत्यारोप आरंभ भ’ जाइत छैक जे वैवाहिक जीवनकेँ नर्क बना दैत छैक।अगर कियो लड़का अफसर छथिन तखन हुनका लेल ओही स्टैंडर्ड के लड़की विवाहक लेल चाही।अगर हुनकर स्टैंडर्ड के लड़की सँ हुनकर विवाह नै हेतेन तखन ई बेमेल विवाह कहल जायत।यैह चीज लड़कीकेँ संग सेहो छैक। लड़की कोनो अफसर छथि त’ हुनका लेल कोनो चपरासी लड़का के कोनो मेल नै छैक। सामाजिक रूप सँ वैवाहिक बेमेलताकेँ हम तखन देख पबैत छी जखन कि पति-पत्नी के मध्य संस्कृति एवं सभ्यताकेँ स्तर पर स्पष्ट अंतर होइ।दूनू में सँ कियो गाम के छथि आ कियो शहरकेँ तखन दुनू में तालमेल में अंतर रहैत छैक। परिणामतः टकराव और अलगाव स्वाभाविक रूप सँ जन्म ल’ लैत छैक। आइ काल्हि त’ लड़की पैघ आ लड़का छोट रहैत छथि तखनो विवाह भ’ रहल छैक। ई सब बेमेल विवाहकेँ बदलैत रूप छैक। आर्थिक विषमता सेहो बेमेल विवाहक महत्वपूर्ण कारण में सँ एक अछि।कतेको लड़का देखै में बड्ड सुंदर आ स्मार्ट रहैत छथि आ हुनकर विवाह जे लड़की वाला दहेज बेसी दैत छथिन ओत’ भ’ जाइत छनि।चाहे लड़कीकेँ मेल हुनका संग होइ या नै होइ।जोड़ी बेमेल लगैत छनि।एहने लोक सब लड़कीकेँ दहेजक लेल प्रताड़ित करैत छथिन। एहेन लड़का वालाकेँ लड़की वाला सँ अपेक्षा सुरसाकेँ मुखकेँ भाँति होइत छनि।शारीरिक रूप सँ वैवाहिक बेमेलता जेना- लंबाई-चौड़ाई,सुंदरता ,
गोर,कारी,शारीरिक विकलांगता सेहो बेमेल विवाहकेँ कारण रहल छैक। कहल जाइत अछि कि ‘ अति सर्वत्र वर्जते ‘ एहेन में पति-पत्नी दुनू में सँ कियो एक अति संवेदनशील अछि या अत्यंत भावुक अछि, तखनो स्थिति गंभीर भ’ सकैत अछि।एक अत्यंत सैद्धांतिक त’ दोसर व्यापक रूप सँ व्यवहारिक तखनो सामंजस्य कठिन भ’ जाइत छैक।विवाहक जटिलता आब बढ़ल जा रहल छैक। विचार और इच्छाकेँ व्यापक अंतर अंततः संबंध में खटास उत्पन्न क’ दैत छैक।अंतर्जातीय विवाह सेहो बढ़ल जा रहल छैक। यैह कारण अछि कि आब तलाककेँ संख्या अपन मिथिला में सेहो बढ़ल जा रहल अछि।आइ काल्हिकेँ जेनरेशन में समझौता करै के क्षमता कम भेल जा रहल छैक। विवाहकेँ संबंध प्यार, विश्वास,कमिटमेंट और आपसी तालमेल पर टिकल छैक। पति-पत्नीकेँ कतेको परीक्षा ,उतार-चढ़ाव सँ आगू बढ़य पड़ैत छनि।बेमेल विवाह अरेंज और लव मैरेज दुनू में होइत छैक। बेमेल विवाह बनल रहै ताहि लेल आपस में जुड़ाव स्थापित करयकेँ कोशिश करबाक चाही।एक-दोसरकेँ पसंद-नापसंद के तवज्जुह देबाक चाही।जय मिथिला जय मैथिली।🙏🙏