“आखिर कहिया धरि…!”

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— आभा झा।               

मिथिलामें वर्तमान समयमें स्वास्थ्य व्यवस्था – अपन मिथिलाकेँ वर्तमान समयमें स्वास्थ्य व्यव्स्थाकेँ स्थिति चरमरायल छैक। जहियासँ हम देखि रहल छी व्यवस्थामें कोनो सुधार होइत नजरि नहिं आबि रहल अछि।दरभंगाकेँ डीएमसीएचकेँ हालत खंडहर जेकां छैक। जलभराव और गंदगी त’ पूरा साल रहैत छैक। लेकिन ” अहाँ गलतीसँ बरसातकेँ मौसममें जा क’ देखब त’ लागत कि पइन अस्पतालसँ भ’ क’ गुजरि रहल अछि।ओतऽ केँ शौचालयकेँ हालत त’ आरो बेसी खराब छैक। महिलाकेँ लेल कोनो इंतजाम ठीक नहिं रहैत छैक। गंदगी बीमारी संग इन्फेक्शनकेँ मुख्य कारण छैक। आसपासमें पूरा कूड़ा फेंक देल जाइत छैक, ओहिसँ बदबू अबैत रहैत छैक। सुअर, कुक्कुर अथवा दोसर जानवर घूमैत अहाँकेँ भेट जायत। एक दिनक बरखासँ घुटना तक जलभराव भ’ जाइत छैक। मिथिलांचलमें रहय वाला लेल दरभंगा मेडिकल कॉलेज आर आसपासकेँ कमसँ कम 4 जिलाकेँ मरीज इलाजकेँ लेल अबैत छथि।जाहिमें मधुबनी,सहरसा
सुपौल और समस्तीपुर शामिल अछि।सरकार स्वास्थ्य सेवामें सुधारक दावा करैत अछि ,लेकिन कोरोनाकालमें कतेक एहेन घटना सामने आयल अछि जे सिस्टम पर सीधा सवाल उठबैत रहल अछि।संग ही कतौ अस्पताल अछि त’ डाॅक्टर नहिं,कतौ अस्पताल भूतबंगला बनल अछि त’ कतौ अस्पतालमें ताला लटकल नजरि अबैत अछि।कतौ त’ अस्पतालमें स्वास्थ्य सुविधाकेँ हालात बदहाल अछि।मरीजकेँ हालत खराब भेला पर एकटा एम्बुलेंस फोन केला पर समय पर उपलब्ध नहिं होइत छैक। लोककेँ मरीजकेँ ठेला या रिक्शा पर पहुँचाबै के इंतजाम करय पड़ैत छैक। डाॅक्टर सभकेँ हिपोक्रीत्ज शपथ ( Hippocratic oath) देल जाइत छैक। ओहिमें सभ देवी-देवताक कसम खाइत छथि।हम ककरो मंगला पर सेहो विषैला दवाई नहिं देब और ने एहेन दवा लैकेँ सलाह देब।कोनो स्त्रीकेँ गर्भपातकेँ दवा नहिं देब।हरेक तरहकेँ गलत काजसँ खास क’ स्त्री और पुरुष संग लैंगिक संबंध राखैसँ दूर रहब।ग्रामीण क्षेत्रमें आइयो स्वास्थ्य सेवा झोलाछाप कंपाउंडकेँ भरोसे चलैत छैक। ग्रामीण क्षेत्रमें स्वास्थ्य सेवा छैक, अस्पताल छैक मुदा नियमित रूपसँ डाॅक्टर नहीं अबैत छथि। दरभंगाकेँ अस्पतालमें हार्टकेँ मरीजकेँ अस्पताल पहुँचबै लेल स्ट्रेचरकेँ व्यवस्था नहिं रहैत छैक। लोकक इलाज बीमारी कोनो आर कोनो आने बीमारीकेँ इलाज चलैत छैक। मरीजक प्राण अपटीकेँ खेतमेँ चलि जाइत छैक। हमर माँकेँ जाॅन्डिस लंबा खीच गेल रहै।दरभंगामेँ डाॅक्टर कहै जे गैस भ’ गेल छनि तैं पेट फूलल छैन्ह। गलत इलाज क’ हालत बिगड़ि गेल तखन दिल्ली एम्समें माँकेँ लीवर शिरोशिश छैन्ह से पता चललनि।लेकिन बहुत देरी भ’ गेल छलनि।माँ हमर नहिं बचल।अहिना कतेको मरीज संग होइत हेतेन।आइ अगर अपन मिथिलाकेँ स्वास्थ्य व्यवस्था ठीक रहितै तखन लोक कियैक दिल्ली, पटना में अपन इलाज करबितैथ।जकरा लग पाइ छैक ओ त’ बाहर इलाज करा लैत अछि मुदा गरीबकेँ कोई माय बाप नहिं छैक ओहिठाम। ओकरा त’ ओहने प्रशासन संग व्यवस्थाकेँ झेलबाक छै।प्राइवेट अस्पतालमें ओ अपन इलाज कतऽ कराओत।प्राइवेट में त’ आरो लूट मचल छैक। स्त्री प्रसूति विभागमें सेहो स्त्रीगण सभ संग गलत व्यवहार होइत छैक। हुनका संगे इलाजकेँ बहाने पुरुख कंपाउंडर सभ अश्लील हरकत करैत छथि।स्त्री सभके महिला नर्सकेँ देखभालक व्यवस्था रहबाक चाही।कतेको स्त्री एहि सभकेँ विरुद्ध आवाज नहिं उठा पबैत छथि।दरभंगामें एम्स बनबैकेँ लेल मिथिला स्टूडेंट यूनियनकेँ अभियानक शुरूआत भ’ चुकल अछि।घर-घर जा क’ लोककेँ जागरूक क’ रहल छथि।एम्स एतय बनलासँ अलग-अलग क्षेत्रमें कतेक नब अवसर खुजत , चाहे ओ शिक्षा , उच्चस्तरीय अनुसंधान या रोजगारकेँ नब अवसर हुए।अखनो बहुत सुधारकेँ आवश्यकता छैक। डाॅक्टर आ व्यवस्थाकेँ संग-संग लोककेँ जागरूक भेनाइ सेहो आवश्यक छैक। जय मिथिला जय मैथिली 🙏🙏

आभा झा ( गाजियाबाद )