“मिथिलाक लचरल स्वास्थ्य व्यवस्था”

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— कृति नारायण झा।                 

मनुष्य केर मूलभूत आवश्यकता भोजन, वस्त्र आ आवास के अतिरिक्त चारि-पाँच टा आओर आवश्यक आवश्यकता होइत छैक ओ थिक बिजली, सड़क, शिक्षा, रोजगार आ स्वास्थ्य। एहि पाँच प्रमुख आवश्यकता में अपना सभक ओहिठाम बिजली, सड़क आ शिक्षा केर व्यवस्था पहिने केर तुलना मे लाख गुणा बढिया मानल जा सकैत अछि मुदा रोजगार आ स्वास्थ्य केर स्थिति पूर्ववत अछि। शहर में रहनिहार मजबूर लाचार ग्रामीण सँ जखन कहियो काल बैसारी होइत छैक तखन एहि मुद्दा पर बहुत काल धरि विचार विमर्श होइत अछि। रोजगार के बारे में पहिले केर अपेक्षा धीरे धीरे स्थिति सुधरि रहल छैक जेना पहिले कियो पढि लिखि कऽ दोकान दौरी करवाक लेल तैयार नहि होइत छलाह मुदा आब हुनकर लोकनिक सोच में परिवर्तन भेल अछि।
मुदा सभ सँ खराब स्थिति छैक गाम में स्वास्थ्य व्यवस्था के। प्राइवेट डाक्टर में बेसी झोलाछाप भेटताह जे मुख्य रूप सँ डाँक्टर कम दवाइ बेचय बला बेसी रहैत छैथि, जँ सर्दी भऽ गेल अछि तऽ ओकरा संग पाँच टा आओर दवाइ लिखैत छैथि कारण हुनक मुख्य उद्येश्य दवाइ बेचबाक रहैत छैन्ह। जे कने पढल लिखल डाँक्टर भेटताह तऽ ओ तेहेन दवाइ लिखैत छैथि जे ओ मात्र ओही दोकान में भेटि सकैत अछि जाहि दोकान में हुनक कमीशन फिक्स्ड छैन्ह। सरकारी अस्पताल केर स्थिति त आओर अधिक भयावह छैक। अस्पताल के बड़का – बड़का भवन में माल जाल सभ बेसी बान्हल भेटत। डाँक्टर आ नर्स के कोनो पता नहिं। अधिकांश अस्पताल कागजे पर चलैत अछि। हिनका सँ भेंट कोनो मंत्री अथवा एम एल ए वा एम पी के ओहिठाम आगमन होइत छैन्ह तखन इ अपन हाजिरी लगेबाक लेल उपस्थित भऽ जाइत छैथि। कोनो डाक्टर के जँ पोस्टिंग गाम मे होइत छैन्ह तऽ हुनका सभ के लगैत छैन्ह जेना अस्सी मोनक पहाड़ हिनका उपर खसि पङलनि जकरा पहिने तऽ ओ भयंकर पैरबी लगा कऽ रोकबाक प्रयास करैत छैथि आ प्रयास में असफल भेला पर अस्पताल में नहि जयवाक कसम खा लैत छैथि। ओहिठामक स्थानीय लोक सँ जँ पूछवैन जे डाक्टर साहेब नहिं अबैत छैथि? त दाँत चियारि कऽ उत्तर देताह जे नीतीश आ मोदी गाम के बरवाद कऽ देलक। अपन कर्तव्य के विसरि कऽ दोसर पर अभियोग लगेनाइ इ बेसी सरल होइत छैक। ओहिठाम केर लोक इ नहिं बुझैत छैक जे अस्पताल में डाक्टर के उपलब्ध नहिं रहला सँ सभ सँ बेसी परेशानी ओहिठामक स्थानीय लोक के उठबय पङैत छैक। सरकार द्वारा उपलब्ध स्वास्थ सम्बन्धी मशीन औजार वेंटिलेटर एम्बुलेंस सभ में जंग लागल जाइत छैक कियो देखनिहार नहिं। एकर सभ सँ भयंकर परिणाम पछिला साल कोविड काल मे लोक सभ भुगति चुकल छैथि मुदा ओकर बाबजूदो हमर सभक आँखि नहिं खूजल मात्र एक दोसरा पर आरोप प्रत्यारोप में हमरा लोकनि लागल रहैत छी आ कोनो सकारात्मक डेग उठयवा में असमर्थ रहैत छी। एकरा लेल मात्र प्रशासनिक दोषारोपण सँ काज नहिं होमय बला अछि अपितु हम समस्त मिथिला बासी के एहि स्वास्थ्य व्यवस्था के चुस्त दुरूस्त करवाक लेल सकारात्मक डेग उठवय पड़त जेना अस्पताल के गतिविधि पर नजरि राखब जेना डाँक्टर के समय पर उपस्थिति, अस्पतालक साफ सफाई इत्यादि। मनुष्य के सभ सँ बेसी डर मृत्यु सँ होइत छैक तेँ जँ गाम मे स्वास्थ समस्याक समाधान हमरा लोकनि के भेटि जाएत तऽ हमर सभक गाम कोनो मामला मे शहर सँ उन्नैस नहिं रहत आ बेसी सँ बेसी लोक शहर छोड़ि गाम देहात मे रहनाइ बेसी उचित बुझताह आ “फेर सभ सँ पावन एहि धरती पर मिथिला धाम यऔ भैया” के सपना साकार भऽ जाएत…….