“शिक्षा अछि जीवन के अमूल्य उपहार”

74

— आभा झा।                   

शिक्षा अछि जीवनक अमूल्य उपहार शिक्षित धिया ज्ञान के भंडार। वर्तमान में मिथिला में धिया सब के रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध अछि।महिला पुरुष सँ कोनो तरहें कम नहिं छथि। ओ सब क्षेत्र में सक्रिय छथि। शिक्षा सँ ल ‘ क ‘ स्वरोजगार सब क्षेत्र में आगू बढ़ि रहल छथि। घरक काज करैत पढ़ाई सेहो करैत छथि। महिला के शिक्षा और रोजगार में समान अवसर भेटला सँ लोकक नजरिया में काफी बदलाव
देखल जा रहल अछि। आइ महिला के हर क्षेत्र में कामकाज के अवसर भेट रहल छनि। महिला समाजक आधा हिस्सा छथि।महिला सशक्तिकरण के बढ़ावा दिस सरकार प्रयास क ‘ रहल छैक। अपन मिथिला में अखनो नौकरी करय वाली महिला के संख्या अन्य राज्य के मुकाबला कम अछि। बहुत अभिभावक के सोच अखनो बस धिया के कनिक पढ़ेला के बाद हुनकर विवाह केनाइ मात्र उद्देश्य रहैत छनि। मुदा बहुतो अभिभावक एहनो छथि जे धिया के शिक्षा के बेसी महत्व दैत छथिन। हुनका आत्मनिर्भर और सशक्त बनय के लेल प्रेरित करैत छथिन। विकास धीर- धीरे भ ‘ रहल छइ। मध्यकालीन युग में महिला के दशा बेहद दयनीय छल। ओहि समय पर्दा प्रथा छल , पुरुष समाज महिला के पर्दा में और घरक चारदीवारी में ही देखनाइ पसंद करैत छलाह। एहि युग में महिला के आर्थिक स्वतंत्रता, शिक्षा और रोजगारक लेल स्वतंत्रता नहिं छलनि।दहेज प्रथा, शिक्षा के कमी और रोजगार पर पाबंदी जेहेन समस्या आइयो अछि। सरकार अपन दिस सँ हर संभव प्रयास करैत नजरि आबि रहल अछि। बेरोजगारी के समाप्त करै के लेल सरकार कतेक योजना शुरू केलक मुदा एतेक प्रयास के बावजूद महिला के लग रोजगार उपलब्ध नहिं अछि।कतेक धिया के अपन शिक्षा पूरा करै के समय नहिं देल जाइत छनि। हुनकर बियाह करा देल जाइत छनि। बियाह के बाद घर गृहस्थी के दबाव में एला के बाद हुनका किछ सीखै के अवसर नहिं भेटैत छनि। बिहार सरकार बिहार में महिला सशक्तिकरण के बढ़ावा देबै , हुनका रोजगार के अवसर मुहैया कराबै तथा हुनकर आत्मविश्वास के बढ़ाबै के लेल कतेक योजना शुरू केलनि। स्वरोजगार के लेल प्रेरित करै के लेल कतेक योजना के शुरूआत केलक। एहि में प्रमुख मुख्यमंत्री उद्यमी योजना अछि। जेकर तहत युवा और महिला उद्यमी के उद्योग शुरू करै के लेल सरकार द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान कैल जाइत छैक। एकर अलावा महिला बटालियन, कौशल विकास, जीविका : सशक्तिकरण के सशक्त माध्यम सेहो सरकार द्वारा शुरू कैल गेल किछ योजना छैक। धिया सब लेल मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना तथा मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन योजना जेहेन कतेक योजना के शुरूआत भेल। धिया सब स्वरोजगार अपना क ‘ आत्मनिर्भर भ ‘ सकैत छथि , जरूरत अछि बस अपन अंदर छुपल प्रतिभा के चिन्है के। बहुतो धिया सब आनलाइन पोर्टल के जरिए अपन काज शुरू क ‘ सकैत छथि , जेना टीचिंग, रेडीमेड गारमेंट्स, फास्ट फूड, जेना केक , पिज्जा, बर्गर, आइसक्रीम आदि। कुकिंग, ब्यूटीशियन, कंप्यूटर, मेंहदी , सिलाई, कढ़ाई, योग ,मधुबनी पेंटिंग, संगीत, प्रशिक्षण देनाइ इत्यादि ढेरों विकल्प मौजूद अछि। बहुतो अहि क्षेत्र में आगू बढ़ि रहल छथि। बहुतो गृह उद्योग जेना अचार, पापड़ , मसाला , मखान, अदौड़ी बनेनाइ सब में महिला अपन रोजगार के बढ़ावा द ‘रहल छथि। लघु कुटीर उद्योग, हथकरघा , हस्तशिल्प जेहेन क्षेत्र के बढ़ावा द ‘ ग्रामीण व शहरी महिला के लेल रोजगारक अवसर बढ़ायल जा सकैत अछि। सामाजिक बदलाव के एहि दौर में महिला के आत्मनिर्भर भेनाइ बड्ड आवश्यक छैक। एकरा लेल परिवार व समाज के सोच में बदलाव आवश्यक छैक जे धीरे- धीरे भ ‘ रहल अछि। संग ही धिया के रोजगारक लेल नीक शिक्षा हासिल करबाक चाही और व्यवसायिक शिक्षा सँ स्वरोजगार सेहो अपनाबै के जरूरत अछि। जय मिथिला जय मैथिली।🙏🙏

आभा झा ( गाजियाबाद )