“जागरूकता”

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— विनीता सिंह।             

एक टा मिसराइन छली ।ओ अपन बेटी के विवाहक लेल बड्ड चिन्तित रहै छली ।
नय पाय के कमी रहैन। ने पढ़नाय में खराब छलैन बेटी ।
लेकिन बेटी के कतौ विवाह नै होय छलैन ।
एक दिन संजोग से बड नीक कथा ,हुनकर बेटी लेल आयल । सब बहुत खुश भ के कनिक छानबीन क तुरन्त विवाह करा देलखिन ।
सासुर जा के किछु दिन सब ठीक रहलैन , किन्तु एकदिन बर शराबक सेवन क के अयलखिन, एवं पत्नी के खूब पिटलैन। आर हमरा किछु #दहेज नै भेटल से ताना दैत रहलखिन । कनियां के अस्पताल में भर्ती कैल गेल , बहुत मारि के चलते बड्ड चोट लागल छलैन ।
खैर बात के जेना तेना दबा देल गेल जे , बर के शराबक लत नै छैन ।ओ त कोनो दोस्त पिया देलकैन तें एना भेलै ।
कनिया सेहो माइन गेलखिन ,कियेक त ओइसे पहीने कहियो बरक इ रूप नै देखने छलखिन।
मिसराइन के कनि शको भेलैन ,ओ बेर-बेर बेटी के पूछलैन किन्तु बेटी के कहला पर आस्वस्त भ गेली ।किछु दिन बाद सुनबा में एलैन जे मिसराइन नानी बनै वाली छैथ ।सब के मोन प्रसन्न भेल ।एक दिन बेटी के सासुरक कोनो संबंधिक के फोन एलैन जे अहां कोनो दहेज नै देलियै तें अहां के बेटी के बड़ मारि पड़ै छैन ।अहां सब कोनो उपाय कियेक नै करै छियैन।इ पता नै चललैन जे सूचना देनिहार के छला ।मिसराइन तुरन्त बेटी के फोन लगौलैन। बेटी के आवाज सुनि ओ घबरा गेली ।पुछलखिन – “जे कनैं किये छी? सुनैमें ऐल जे सब दहेज लेल तोरा मारै छथुन ?”
बेटी कैन के कहलखिन जे ‘ हं बडड मारै छथि ।एखैन ओ सब नै छथि ,तें तोरा से गऽप भ रहल अइ।सब कैल्ह आएब जेता ।हमरा घर में बंद कऽ के गेल छैथ ।हमरा लऽ जौ एत से, नै त सब हमरा मारि देता। हमरा जियै के ऐ ।हमरा बच्चा लेल जीबै के अइछ।
मिसराइन दिलासा द के कहलखिन जे हम सब अबैए छियौ तोरा लैलेल ‌।
दोसर दिन बेटी के सासुर पहुंचली ,तऽ घरक आगू भीड़ , पुलिस आर एम्बुलेंस सब देखि घबरा गेली ।दौड़ली, पर हाय रे बेटी ,ओ जैर के खाक भऽ गेल छलीह ।
सब कहलकैन जे आगि लगा के आत्महत्या कऽ लेलक।
ओ पुलिस के कतबों कहलखिन जे हुनक बेटी के दवाई द के राखल जाय छलैन,बैन्ह के राखल जाय छलैन ।ओ आत्महत्या नै केलैन ।हुनका मारल गेलैन।”
किन्तु सबूतक अभाव।सब बात दइब गेल ।
आब मिसराइन सब दहेज प्रताड़ित लोकनि के मदद कऽ अपन बेटीक दुःख बिसरऽबै के कोशिश कऽ रहल छथि।
ओ आब समाज में #दहेज के प्रति जागरूकता अभियान में सेहो लागल रहै छथि।
सब के बहुत तरहक छानबीन कऽ तखनि अपन बच्चा कें विवाह कराबी ।
धन्यवाद
विनीता सिंह