सरस्वती जीक प्रतिमामें मूर्तिकार सभ जनकपुरमें व्यस्त

मनीष कर्ण,जनकपुरधाम।२फरवरी २०२२ । मैथिली जिन्दाबाद!! मधेस प्रदेश अर्थात मिथिलाञ्चलमें अहिवर्ष माघ शुक्ल पञ्चमी अर्थात सरस्वती पूजा (वसन्त पञ्चमी) दु दिन मनाओल जाइत। प्रदेशमें शनि आ रवि दिन वसन्त पञ्चमी मनाओल जाऽ रहल अछि।  वैह सिलसिलामें सरस्वती पूजाकेँ मध्यनजर करैत अखनि कुम्हार समुदाय मूर्ति बनाब अधिक व्यस्त देखाई दैत छथि । ओ समुदायक सदस्यसभ मूर्ति बनाएबाक लेल करिब दुई सप्ताह सऽव्यस्त देखबा आबि रहल छथि ।

जनकपुरधाम उपमहानगरपालिकाक करिब १८ स्थानमें मूर्तिकारसभ दिनरात मूर्ति बनाब लेल व्यस्त छथि। जनकपुरधामक शुक्रबारी हटिया, विद्यापति चौक, क्याम्पस चौकलगायत विभिन्न क्षेत्रमें रहल मूर्तिकारसभ काममें व्यस्त छथि। मूर्तिकार उत्तिमलाल पण्डितक अनुसार आनसाल ओ सभ सरस्वती पूजाक समयमें करिब एक सय सऽ बढी मूर्तिसभ निर्माण करैत छलाह मुदा अखनि करिब ५० टा मूर्ति मात्र सेहो बिक्री वितरणमें समस्या उत्पन्न भेल हुनक कथन छनि ।कोरोना संक्रमण सऽ पहिने मूर्ति बनाऽक अधिक आयआर्जन भेल रहितो अखनि परिस्थिति बदलल हुनक कहब रहल छनि ।पण्डितक अनुसार विगतमें प्रतिमूर्ति अधिकतम ४० हजार रुपैयाँ लऽक न्यूनतम पाँच हजार रुपैयाँधरि बिक्री भेल बतोलथि ।मिथिलाञ्चलमें मनाबबाला प्रायः चाडपर्वमें माटि सऽ निर्मित कलात्मक मूर्तिक प्रयोग काएल जाइत अछि।