परंपरा और आधुनिकता के सामंजस्य रखैति कतेक आगू बढल छथि ई मैथिलानी

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#मैथिलानी_व्यक्तित्व_विशेष।             
#वंदना_चौधरी
अपना मिथिला में एक सं बढ़ि क एक विदुषी, कुलीन, संस्कारी, गुणवान मैथिलानी सब छथि जिनकर आंगुर पर गिनती केनाई असंभव अछि। मुदा हम जाहि मैथिलानी के संदर्भ में दू शब्द लिखै के साहस क रहल छी हुनका सं हम व्यक्तिगत तौर पर बहुत प्रभावित छी।
हमसब करीब तीन वर्ष सं एक- दोसर के चिन्है छी। भेंट नहिं भेल अछि मुदा भेंट सं बढ़ि क एक दोसर के करीब छी। हिनका मिथिला आ मिथिला सं बाहरो के लोक जनै छैनि आ हजारों मैथिलानी हिनका सं प्रेरित भ नव ऊर्जा के संग अपन परिवार के सम्हारति अपन-अपन कार्यक्षेत्र में आगू बढ़ि रहल छथि। अई महान व्यक्तित्व के नाम छैनि श्रीमति वंदना चौधरी। हिनकर पिता पंडित श्री जीवननंदन झा जे मानव शरीर में देवता के रूप छथि। हिनकर पति श्री प्रवीण नारायण चौधरी जिनका हृदय सं हमसब मिथिला रत्न बुझै छियनि । जन्मस्थान “बनारस” सेहो ओहने पावन भूमि पर छैनि । शिक्षा स्नातक वाराणसी सं प्राप्त केने छथि। वर्तमान निवास स्थान विराटनगर ,नेपाल छनि। दहेजमुक्त मिथिला के एडमिन,संचालिका और एकटा पैघ स्तंभ छथि, संगहि अंतर्राष्ट्रीय मैथिली एसोसिएशन नेपाल के सलाहकार, अन्य बहुत रास सामाजिक संस्था के सदस्य,लेखिका और एकटा कुशल गृहिणी छथि।
पारंपरिक और आधुनिकता के सामंजस्य स्थापित करबा में त हिनका महारत हासिल छैनि।
चारि टा संतान के देखति, अपन घर-परिवार सम्हारति ई कतेक किछु क सकै छैथि ओ देखि हम क्षुब्ध भेल रहै छी।हिनकर रूप, विद्वता, शालीनता, आ हिनकर प्रभावशाली व्यक्तित्व के प्रभाव छैनि, कि आई दहेज मुक्त मिथिला पर महिला लोकनि कें सहभागिता पुरुष वर्ग सं बेसी अछि।
ई हमर जेष्ठ बहिन के संग हमर प्रेरणास्रोत छैथि, मैथिलानी के गौरव छथि, हिनका लेल हम की लिखू,,,हमरा लग शब्द के अभाव अछि।
छोट बहिन के तरफ़ सं दीदी कें प्रणाम।🙏🙏