“यज्ञसेनी :- एक आदर्श नारी

794

आभा झा।                               

हमर आदर्श नारी छैथ द्रौपदी। जखन जखन भारतीय संस्कृति के इतिहास में नारी के अपमान,प्रतिशोध,तिरस्कार,शोषण के संगे-संग हुनकर सम्मान के दु विरोधी भावक चर्चा हैत,तखन तखन द्रौपदी खे उल्लेख अवश्य हेतेन।
द्रौपदी के चरित्र एक ऐहेन दुर्भाग्य शालिनी नारी के चरित्र अछि जकर जीवन में सुख कम,दुख बैसी समायल छलेन। हुनका भगवान श्रीकृष्ण जेहन अलौकिक अवतारी सखा के संग भेटलेन यैह हुनकर जीवनक परम सौभाग्य छलेन,जे पग-पग पर द्रौपदी के सम्मानक रक्षा केलखिन।
द्रौपदी पांचाल देश के राजा द्रुपद के पुत्री छली,तैं हुनका द्रौपदी आर पांचाली सेहो कहल जाईत छेलेन। यज्ञ के फल के रूप में द्रौपदी के जन्म भेलेन। हुनका याज्ञसेनी सेहो कहल जाइत छैन। द्रौपदी के सब सं पैघ त्याग छलेन कि ओ पांचो भाई के पत्नी बनली। द्रौपदी के जीवन के किछ समय त सुख में बीतलेन फेर कौरव के कपट आर छल के सामना कर पड़लेन। दुर्भाग्य के ऐहेन मारि पड़लेन कि जुआ में पाण्डव राज्य सं ल सब किछ गंवा बैसला। कौरव भरल सभा में द्रौपदी के अपमानित केलेन। द्रौपदी के जखन निर्वस्त्र कैल जाइत छलेन तखन श्रीकृष्ण हुनकर रक्षा केलखिन।
द्रौपदी निसंदेह बहुत कुशाग्र बुद्धि के छली। द्रौपदी समस्त प्रताड़ित नारी के प्रतिनिधित्व करैत छैथ। द्रौपदी अपन अधिकारक लड़ाई के प्रतीक छैथ। द्रौपदी के खुजल केश हुनकर अपमान के प्रतिशोध के दृढ़ करैत छैन। द्रौपदी आत्मविश्वासी आर साहसी स्त्री छली,जिनका पता छेलेन कि जयद्रथ या कीचक अगर हुनकर अपमान करथिन त ओ अपन जीवन सं हाथ धो बैसता,आर यैह भेल। द्रौपदी स्त्री के पीड़ा के बुझैत छली। यैह कारण छल कि जखन समस्त पाण्डव पांचाली के अपमान के बदला जयद्रथ लेल युधिष्ठिर सं मृत्युदण्ड मांगै छल,तखन द्रौपदी अपन ननैद दुशाला के सुहागक रक्षा करैत हुनका अभय देलखिन। अपन क्रोध के बल पर द्रौपदी युधिष्ठिर द्वारा खोयल राज्य,समस्त पति के शस्त्र,हुनकर सम्मान सेहो प्राप्त करै छैथ।
अही महान त्यागमयी,बलिदानी तथा पतिपरायण नारी द्रौपदी अपन कर्तव्य कर्म के ईमानदारी स पालन करैत पग-पग पर पति के संग देली। ओ खाली दोसर लेल जीयैत छली। कृष्ण आर द्रौपदी के संबंध एक आदर्श सखा सखी जेकां बनल रहलेन। द्रौपदी हुनका पर बहुत विस्वास करैत छली आर हुनके सलाह पर चलैत छली। कृष्ण हुनकर हर संकट में सहायक करैत छलखिन।

नारी के सबस पैघ अस्त्र अछि त्याग।
पुरुष खाली शरीर पर विजय पाबैन छैथ
मुदा स्त्री मोन पर विजय पाबै छैथ।
समस्त नारी के महिला दिवस के शुभकामना ।

आभा झा 🙏