“समाजक दर्पण”

261

– रेखा झा।                                       

#गरीबक बेटी
रोपनी स लक दाउन करै गरीबक बेटी,
स्कूल स नाता नहि घर के बच्चा खेलाबय गरीबक बेटी,
जं स्कूल जाय त दू बजिया खेनाई लेल ललचाय गरीबक बेटी,
रूप रंग सुंदरता स कोनो बात नहि बनय ओ गरीबक बेटी,
बाप लेल बोझ आ माय सेल संताप अछि गरीबक बेटी,
नीक दिनक आस मे टुकटुक दिन तकै गरीबक बेटी,
समाज के लेल दुत्कार सहै गरीबक बेटी,
कोनो समाज नहि साथ दै ओहि गरीबक बेटी के,
कीननाहर सब कीन क लै जाय ओ गरीबक बेटी,
दुहाई जै समाज के देलक साथ नै समाज देलक ओ गरीबक बेटी,
मुदा हम कहब
गरीबक तु बेटी नई समाज के ओ थप्पर छी जे बड्ड समाजिकताक बखान करै छथि हुनकर तु आईना छीहीं,🙏🙏🙏🌺