गुरु

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लेखनी प्रतियोगिता
विषय-गुरू
ओना तs प्राचीन काल से गुरु के महिमा के बखान होयत ऐब रहल अछि,आए हमरो अवसर भेटल किछु लिखी ताहि लेल आभारी छी,
गुरु अपन सभहक जीवन के एकटा अभिन्न अंग छैथ, जिनका बिना अपना सब पंगु छी, दुनिया में सब चीज नश्वर अछि ज्ञान के छोड़ के और ओ ज्ञान प्राप्त करे के जरिया गुरु छैथ, जीवन के सफल बनाबे में गुरु के विशेष योगदान रहेत अछि, शिष्य अहि बात के बुझहेत छैथ,जे गुरु के द्वारा ज्ञान प्राप्त कयला के उपरांत समाज में प्रतिष्ठा आ सम्मान भेटत, गुरु कुंजी होयत छैक शिष्य के सफलता के, जीवन के सब रहस्य के ज्ञान शिक्षा में निहित अति,आ ओकरा सरलता से शिक्षार्थी तक शिक्षक द्वारा पंहुचायल जायत अछि,, शिक्षा अनुभव तथा ज्ञान के ओ पिटारा अछि जे गुरु द्वारा शिष्य ग्रहण कौ अगला पीढ़ी तक पंहुचाबेत अछि,कियैक त शिक्षा बंटला से बढ़हेत अछि।
गुरु जीवन में कियो भौ सकेत छैक जिनका से ज्ञान के अनुभव हुऐ, मां के पहिल पाठशाला तहि दुआरे कहल गेल अछि,कियैक तs हुनका सs संस्कार रूपी ज्ञान हुनके सं भेटेत अछि, और पिता हुनका स सीखेक लेल भेटैत अछि जे कोना जीवन के सब चुनौती स्वीकार करेत साकारात्मक सोच राखेत आगू बढ़ी,
जेना एकटा नवजात शिशु के लेल मां आवश्यक अछि तहिना एकटा सफल समाज के निर्माण हेतु सदीखन गुरु के आवश्यकता रहल,ओ अपन सही मार्गदर्शन दौ गिल माटी समान मनुष्य में ज्ञान के प्राण प्रतिष्ठा दौ संस्कारक आकार से गढ़ के अनुभव के रंग भरि सुसज्जित कौ दुनिया के कदम से कदम मिलाबे लेल तैयार करेत छैथ।
सब गुरूजी के हमर हार्दिक नमन 🙏
अर्चना झा ✍️