मैथिली भोजपुरी अकादमी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर कवि सम्मेलन मे आमंत्रण

हकार

– श्याम झा, दिल्ली

एहि सँ हर्षक गप्प की हेतै जखन अहाँक घर सँ एक दु आ तीन टा नहि अपितु चारि चारि टा सदस्य लोकनि अखिल भारतीय स्तर पर अहाँक मातृभाषा, मातृ सम्मान हेतु देशक कोण-कोण सँ अबैत छथिन, वर्तमान समय मे हैदराबाद आ दिल्ली सँ छथिन आ साहित्यिक चौपाड़ि सँ जुड़ल छथिन। अपने विकास वत्सनाभ, रामबाबू सिंह, नीरज कुमार ‘नीरज’ आ सबिता झा ‘सोनी’ मैथिली भोजपुरी अकादमी द्वारा आयोजित स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रीय कवि सम्मेलन मे कविक रूप मे चुनल जाएत छथिन, सब चयनित कवि लोकनि केँ उत्कृष्ट प्रस्तुति लेल बहुत-बहुत शुभकामना। हिनका लोकनि सँ आग्रह जे अहाँ सब मिथिला आ मातृभाषा मैथिली केर नाम चहुँदिश गङ्गाक निश्च्छल धारा जेकाँ, उज्जर धप-धप पहाड़ पर पड़ल चिंतित चादरी जेकाँ, हिन्द महासागर क’ कल-कल करैत ध्वनि वेग’क तरङ्ग जेकाँ, आँजुर भरि स्मृतिक, भारतीय सांस्कृतिक सुगंध सँ अनेकता मे एकताक पारितोष सँ दुनियाँ क’ अपन शब्द अपन पहिचान अपन अलौकिक गरिमा सँ आपकता करा देबै। हिनकर सब के मनोबल बढ़य अहि लेल मातृभाषा अनुरागी आ मैथिली हितैषी महिला तथा सज्जनवृन्द लोकनि सँ आग्रह जे १२ तारीख रवि दिन सांय ५ बजे मावलंकर सभागार मे उपस्थित होय आ भारतक स्वतंत्रता दिवस पर हरेक साल जेकाँ अहु साल राखल गेल कवि सम्मेलन केँ सफल बनाबी।

(आमंत्रणकर्ता अपन परिचित लेखकक नाम मात्र उद्धृत कएने छथि संभवतः, ओना एहि मे मैथिली भाषाक महान गीतकार आ कवि अशोक मेहता आ समकालीन कविताक प्रखर युवा कवि गुफरान जिलानी सेहो आबि रहला अछि। सब किछु कार्ड मे स्पष्ट अछि।)