व्यंग्य प्रसंगः फल्लाँ बाबू मैथिल केर कथा

व्यंग्य प्रसंग - प्रवीण नारायण चौधरी फल्लाँ बाबू मैथिल   कहियो-कहियो फल्लाँ बाबू मैथिल हमरा लंबा-लंबा गप दैत भेटि जाइत छथि। गप एहि द्वारे जे सब दिन ओ...

कथाः ठकविद्या

कथा - प्रवीण नारायण चौधरी ठकविद्या   मास्टर साहेबक आदति छलन्हि जे कक्षा मे अबिते देरी चपरासी बिकाउ केँ कहथिन जे छड़ी लेने आबे। एक त छात्र सब...

हम, हमर कनियां आ काजवाली केर समय – आधुनिक मैथिली खिस्सा

खिस्सा - हम, हमर कनियां आ काजवाली केर समय   - प्रवीण कुमार झा, बेलौन, दरभंगा (हालः दिल्ली) बड्ड नमहर विचार विमर्श आ नाप जोखक बाद...

मिथिला राज्य आ कवि सतीश चन्द्र झा

मिथिला राज्य! फुसिये के अछि हल्ला मिथिला राज्य लेब हम। मैथिल मिथिला मैथिलीक उद्धार करब हम॥ भेल एखन धरि की, जकरा उपलब्धि कहब हम। भाषण कविता पाठ मंच...

गधकिच्चन….. सरबे हौ! भन्नहि भेल्लहः संतोषीक तीर

गधकिच्चन.......!! - संतोष कुमार संतोषी, धरान, नेपाल (मूलः द्वालक, मधुबनी) सरबे हौ...... भन्नहि भेल्लह. !! सहर नगर जे जतय छी ऐहिबेर, चलै चलू सब गाम ! अपना मोनक...

बिहारी होयबा पर कथीक गर्व करैत छी?

कि, अहाँ सेहो बिहारी होयबा पर गर्व करैत छी?   *अहाँक लिट्टी-चोखा आइ धरि फूटपाथ आ ठेला मे पड़ल अछि।   *अहाँक अपन भाषा केँ राज्य द्वारा मान्यता...

जनजागरण केर प्रयास कदापि रिक्त नहि जाएछः कथा

मंगनू काका केर नागरिक सम्मान   (कथाः प्रवीण नारायण चौधरी)   मंगनू काका केर काजे छलन्हि देवाल पर पेन्टिंग कय प्रचार-प्रसार केनाय.... ओना त ओ सब प्रचारक पाइ...

पत्नीक प्रकार – सब पति लेल जानब आवश्यक

पत्नी पर निबंधः व्यंग्य प्रसंग परन्तु यथार्थ सँ कनिको भिन्न नहि - बैजू बावरा (अनुवादक) पत्नी नामक प्राणी भारत सहित समस्त विश्व में भेटैत छैथ। प्राचीन...

मैथिली कथाक माध्यम सँ यथार्थ चिन्तन

मैथिली कथाः दिवा स्वप्न - प्रवीण कुमार झा, बेलौन, दरभंगा (हालः दिल्ली सँ) नै कहि ई स्वप्न देखबा सौं कहिया पाछां छूटत... आब अकच्छ भ् गेल...

मिथिला मरइ-जियइ तै सँ कि…. मोदीजीक हिसाब धरि हमहीं जोड़ब

विचारः नेशन फर्स्ट - मैथिलक मनोदशाक एक चित्रण - प्रवीण नारायण चौधरी  हम ई खूब नीक सँ बुझैत छी जे मिथिलावासी केर बौद्धिक सामर्थ्य आर कोनो...