‘हम आबि रहल छी’ – मैथिली धारावाहिक भाग ९

उपन्यास 'हम आबि रहल छी' पर आधारित धारावाहिक लेख - रबीन्द्र नारायण मिश्र (उपन्यासकार) हम आबि रहल छी-भाग ९ 9 साँझमे हम, गंगा, ओकर माता-पिता सभ संगे टीसन...

साहित्य मे आलोचनाक अभाव

विचार मैथिल यायावर, सहरसा । ५ अक्टूबर २०२३, मैथिली जिन्दाबाद!! परंपरागत रूपमे वाद-विवाद आ संवादक संवाहक रहल अछि भारतीय भाषा आ साहित्य। चाहे कोनो भाषा आ...

मैथिली भाषा – आधारभूत शब्द आ शब्दकोश

लेख - शशि भूषण झा 'नागदह' मैथिली भाषा शब्दक ओ समूह जे कोनो भाषाक आधार होइत छै, ओकरा ओहि भाषाक आधारभूत शब्दावली कहल जाइत अछि। कोनो भाषा...

Finding Mithila Between India’s Centre And Periphery

FINDING MITHILA BETWEEN INDIA’S CENTRE AND PERIPHERY ALAKH NIRANJAN SINGH* & PRABHAKAR SINGH** The linguistic region of Mithila in north Bihar has been one of India’s...

प्रवीण डायरी – २०१२ – भाग ४

पूर्व केर ३ भाग उपरान्त १ अक्टूबर २०१२ चलू चलै छी पिता मिलन लऽ! पंछी छी हम हुनकहि पोसा, नाम हमर छी मनु तोता। खन विचरी पसरी आ...

कठिन व्रत निराजल रहबाक कारण कहल गेल अछि जितिया पावनि बड्ड भारी

अपना सभक ओहिठाम जखन लोक कोनो दुर्घटना सँ साफ साफ बचि जाइत अछि तऽ सभ कहैत छैक जे एकर माय खरजितिया पावनि कयने छलैक...

तनुजाक ‘रोचक संस्मरण’ मे काज कयनिहाइर पिंकी संग मधुबनीक भेंट

कथा-संस्मरण - तनुजा दत्ता साल भरिक बाद सासुर जेबाक मौका भेटल । गेला पर सब किछ बदलल-बदलल बुझाइत रहय । कमेनहाइर सेहो बदलि गेल छलीह । ‎........

“सोशल मीडिया आजुक समयमे लोकक एकटा स्टेटस सिम्बल बनि गेल छैक।”

-- कीर्ति नारायण झा।    अति रूपेण वै सीता चातिगर्वेण रावणः। अतिदानाद् बलिर्बद्धो ह्यति सर्वत्र वर्जयेत्॥ अर्थात अत्यंत रूपवती होयवाक कारणे सीता के हरण भेल छलैन्ह,...

शुभयात्रा काल मैथिलक मंत्र अछि- “ जय गणेश दुर्गा माधव

"गौरी के ललना, गणपति जी के, आरती उतारु ना, सोना के सुराही में, गंगाजल आनू, गणपति जी के चरण पखारू ना, गौरी के...

एक कलियुगी सीता आ राम के कथा

एक कलियुगी सीता आ राम के कथा - प्रवीण नारायण चौधरी (भाग १) हरेक पिताक इच्छा रहैत छैक जे अपन सीता बेटी लेल राम समान वर करय।...