असगर नारी केर जीवन बडड असहज वा मुश्किल से भरल होईत अछि

लेख विचार प्रेषित: प्रिया झा श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि विषय-परिवार मे एसगर स्त्री कते सहज आ असहज विधा-गध हमर नजरि में बड़ मुश्किल...

मृत पतिक प्राण केर वरदान लेल कैल जाइ बला व्रत छी बरसैतिक पूजा

लेख विचार प्रेषित : रिंकू झा श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि विषय -वट -सावित्री यानी वरसाईत के महत्व ********** भारतीय संस्कृति में विवाह...

बारसैतिक पूजा मे पर्यावरण केर सुरक्षा समाहित अछि

लेख विचार प्रेषित: शेफालिका दत्त श्रीजा श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि #विषय- "मिथिला में बटसावित्री व्रत के महत्व और विशेषता"। अप्पन सबहक मिथिला...

सदा सुहागिन केर कामना सौं बरसाईतिक पूजा कैल जैत अछि

लेख विचार प्रेषित: नीलम झा निवेधा श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि "विषय : मिथिलामे वटसावित्री व्रतकेँ महत्व आ विशेषता मिथिलामे जेष्ठ मासक आमवाश्या...

अतिथिक अपमान कथमपि नै हुए से विशेष ध्यान राखल जैत अछि

  लेख विचार प्रेषित: प्रिया झा श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि विषय  : "मिथिलामे अतिथि सत्कारके महत्व आ विशेषता" तिथी देवो भवः यानि अतिथी...

अतिथि केर आगमन माने देवताक आगमन

लेख विचार प्रेषित: कीर्ति नारायण झा श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि विषय :  "मिथिलामे अतिथि सत्कारके महत्व आ विशेषता" "मंगलमय दिन आजु हे...

अथिति केर सम्मान ईश्वर बुझि कएल जैत अछि

लेख विचार प्रेषित: नीलम झा निवेधा श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि "मिथिलामे अतिथि सत्कारके महत्व आ विशेषता" #लेखनीके_धार "मिथिलामे अतिथि सत्कारके महत्व आ विशेषता" अ+...

कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण – अरण्यकाण्ड आठम् अध्याय

स्वाध्याय - प्रवीण नारायण चौधरी मिथिलाभाषा रामायण - अरण्यकाण्ड आठम् अध्याय ।रूपमाला। कपट - मृग मारीच मारल, घुरल घर रघुराय। देखल अबइत दूरसौँ मन - विकल लक्ष्मण भाय॥ कयल लीला सकल...

कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायणः अरण्यकाण्ड सातम् अध्याय

स्वाध्याय - प्रवीण नारायण चौधरी कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण - अरण्यकाण्ड सातम् अध्याय ।चौपाइ। राम बुझल दशवदन - प्रपञ्च। वैदेहीकेँ कहलनि शञ्च॥ अहँ एक माया - देह बनाउ। कुटी -...

कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायणः अरण्यकाण्ड – छठम् अध्याय

स्वाध्याय - प्रवीण नारायण चौधरी मिथिलाभाषा रामायण - अरण्यकाण्ड छठम् अध्याय ।चौपाइ। रथमे जोड़ घोड़ बड़ जोर। चलल दशानन चिन्तित भोर॥ जत मारीच समुद्रक पार। पहुँचलाह सत्वर अविचार॥ छल समाधि-गत ओ...