दरभंगा मे डा. विन्देश्वर पाठक केर सम्मान

दरभंगा, २१ अप्रैल, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद – रिपोर्ट

bindeshwar pathak

संस्कृत विश्वविद्यालय – दरभंगा मे आयोजित एक अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनारक अतिथि डा. विन्देश्वर पाठक द्वारा रु. २२ लाख केर अनुदान उपलब्ध करायल गेल। एकर उपयोगिता एक अक्षय कोष केर रूप मे करबाक अनुरोध विश्वविद्यालय प्रशासन सँ कैल गेल अछि। संस्कृत भाषाक महत्त्व केँ आत्मसात करैत अध्ययनरत छात्र केँ छात्रवृत्ति देबाक लेल एहि तरहक पुण्यक कार्य डा. पाठक द्वारा कैल गेल अछि। कहल गेल अछि जे उपरोक्त रकम सँ प्राप्त सालाना ब्याज-आमद केँ निश्चित छात्र बीच छात्रवृत्तिक रूप मे देल जायत। विदित हो जे अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनार संस्कृत शिक्षा संबंधी विभिन्न विषय ओ सत्र मे बाँटल गेल अछि जाहि मे सहभागी विशिष्ट स्रोत व्यक्ति द्वारा प्रस्तुति सँ लगभग २०० सहभागी प्रतिनिधि केँ लाभ भेटतनि। एहि सेमिनार मे देश-विदेश सँ उपस्थित प्रतिनिधि लोकनिक एकठाम उपस्थित भेला सँ उत्सवमय माहौल बनल अछि दरभंगा मे।

एहि बीच मैथिली लोकसंस्कृति मंच दरभंगा द्वारा डा. विन्देश्वर पाठक केँ मानवता प्रति सेवाक उच्च मूल्यांकन करैत सम्मानित कैल जेबाक समाचार मंचक सचिव प्रो. उदय शंकर मिश्र मैथिली जिन्दाबाद केँ करौलनि। डा. पाठक सुलभ इन्टरनेशनल समान देशव्यापी शौच-व्यवस्थाकेँ व्यवस्थित करयवला संस्थाक संस्थापक छथि आ स्वयं मिथिला धरतीक एक लाल देश-विदेश मे अनेको सम्मान सँ सम्मानित हस्ती सेहो छथि। मिथिलाक धरती हिनका सँ आब ओहिना किछु माँग करैत अछि जेना कोनो वृद्ध माय अपन जवान सपुत सँ सेवा चाहैत अछि – उपरोक्त सम्मान समारोह मे वक्ता लोकनि द्वारा एहि प्रकारक भावना उद्गार व्यक्त कैल गेल। संगहि डा. पाठक अपन सर्वस्व मातृभूमि आ राष्ट्र वास्ते समर्पित रहबाक बात कहि सम्मान प्रति आभार प्रकट केलनि।