“गाछक सुरक्षा पर महत्वपूर्ण लेख”

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सरिता झा।                                   

तुलसी,बर,पीपर,धाथ्रिक ,आम-महु,बाँस ….आदि के नाम धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के कारण सबके बच्चे सँ याद भ जाईत छैक।

कहल जाईत छै जे परापूर्व काल में जखन मनुष्य जाति के उत्पत्ति भेल, त ओ सब गाछ पर, गुफा… आदि में शरण ल क जानवर सब स अपन जीवन रक्षा करय । और कालांतर में जखन मनुष्य जाति सभ्यता के तरफ छलांग लगेलक त एहन सब चीज जाई स सुरक्षित महसूस कयलक, तकरा सबके पूजित के श्रेणी में रखलक।

आब गाछक बाँकी महत्व –
1) हवा, पानि, फल-फूल, खाना…, जाइ बिना जीवन असम्भव -ई सब गाछ-वृक्ष के देन अछि
2)ऑक्सीजन यानी सांस गाछ दैत अछि।
3)जीव-जंतु सबके खाना एवं वासस्थान सेहो गाछ-वृक्ष स भेटैत छैक।
4)हवा, माटि,पानि के प्रदूषण गाछ कम या पूर्ण रूप स दूर करैत अछि-जहरीला गैस, धूल, तेज आवाज के अपने में सोखि पर्यावरण संरक्षण में मददगार होईत अछि।
5)जड़ि,पात,फूल ,फल यानी गाछक हर अंग के अपन उपयोगिता छैक।उपयोग स इत्तर अंग सब माटि के लेल खादक काज करैत छैक।
6)एतबे नै,तरह-तरह के बीमारी स बचाव आ इलाज में सेहो काज अबैत अछि। आयुर्वेद में उपयोगी जड़ी-बूटी सेहो प्राय गाछे स प्राप्त होईत अछि।
7)गाछ-वृक्ष सूखा,अकाल, बाढि,…आदि आपदा स सेहो बचाव करैत अछि।

आब एतेक उपयोगी आ फलदायक गाछ के सुरक्षा कयनाइ अति आवश्यक कर्त्तव्य अछि
अपन सबहक ने!!!!? परन्तु प्रश्न अछि जे गाछक विनाश कियाक?????

सबके आगा बढऽक लालसा आ आधुनिकीकरण, शहरीकरण ,गाँव स बिमुख,औद्योगीकरण…इत्यादि, के कारण गाछ अन्धाधून्ध कटा रहल अछि और पर्यावरण के विनाश भ रहल अछि। आब त एहन स्थिति आबि रहल अछि जे ” महान वैज्ञानिक,स्टीफेन हॉकिंग के अनुसार 100-50 वर्ष मात्र धरती पर जीवन संभव ” सबगोटे ई चिन्तन करी ,कहीं बहुत देरी त नै भ गेल चेतऽ में!!!? शायद इयाह सब सोचि 1970 में श्री सुंदरलाल बहुगुणा “वृक्ष मित्र” चिपको आंदोलन शुरू कयलनि जाइ मे विशेष रूप स स्त्री वर्ग हुनक साथ देने छलखिन-सबगोटे गाछ के धेरिकऽ, सटिकऽ ठाढ भ जाथि जाइ स गाछ के काटि नै सकै क्यो…। बाद में 1980में गाछ कटनाइ पर सरकारी रोक लागल साथहि “वनमहोत्सव”यानी एकटा गाछ काटी त 10 टा नया लगाउ के पुनः और तेज गति स बढायल गेल। अबैत-जाति रोड के दुनु कात गाछक नयनाभिराम दृश्य जे कतौ-कतौ अछि,से ओही वनमहोत्सव के देन अछि।

अंत: सब सँ कर जोड़ि विनती, आबो चेतू यो महानुभाव सब, सबगोटे ई प्रण लिय जे एक त कहियो, कखनो गाछ नै काटब, और यदि काटब त एकटा के बदला 5-10टा लगायब। जन्मदिन, विवाहक वर्षगांठ,मुन्डन, उपनयन आदि के अवसर पर यदि गाछ लगायब त दोब्बर फायदा -पर्यावरण के संरक्षण हैत और यादगार सेहो रहत ओइ विशेष अवसर के।

धन्यवाद!

सरिता झा