रंजना हत्याकाण्ड – एक भाइ केर दर्द तथा समाज मे दहेज लोभीक खेलावेला

समाज लेल संदेशः दहेज मुक्त मिथिला

दरभंगा दहेज हत्याकाण्ड पीड़िता रंजना झा – भाइ शिव झा द्वारा शोक प्रकट करैत देल गेल सन्देश -आँखें थक गई है शायद आसमान को तकते तकते.. वो तारा नहीं टूटता जिसे देखकर मैं तुम्हें मांग लूँ.!!

बहिन रंजना आब एहि संसार मे नहि अछि। दहेज लोभी केँ एकटा बुलेट मोटरसाइकिल चाहैत छल। ओ हालहि अप्रैल मे विवाह कयल गेल रंजना सँ एहि एक मोटरसाइकिल केर मांग केँ अपन पिता सँ पूरा कराबय लेल अनेकों प्रताड़णा देलक, अन्त मे स्थिति एहेन भऽ गेलैक जे जान सँ मारिकय खून पचेबाक लेल कि-कि नहि केलक। आब लगभग एक महीना बीतयवला छैक। खूनी पति आ ससूर जेल मे छैक। कानूनी खेला-वेला शुरू छैक। हत्यारा जमानत लेल तरफरा रहल अछि। लेकिन निचुलकता अदालत ओकर जमानत केँ खारिज कय देलक। आब नवका सेटिंग-वेटिंग मे पक्का लागल होयत दम्भी हत्यारा आ ओकर परिवार। ओझौल गाम केर ई स्टोरी थिकैक।

 
खबरदार रहथि जनता। ओझौल गाम सेहो बदनाम भेल अछि। ओतुका ग्रामीण हालांकि दुःखी अछि। लेकिन जनैत छियैक एकटा बात….?
 
“रंजना केर मृत्यु तऽ भऽ गेलैक… आब जे जिबय छैक तेकरा तकलीफ नहि दियौक। माने हत्यारा पर दया करियौक आ किछु लय-दय केँ माफी दय दियौक।”
 
यैह बनि गेल अछि पैछला कतेको दशक सँ मिथिला समाजक नया पहिचान। पहिने केकरो बेटी-बहिन पर अत्याचार कय केँ खून कय देल जाउ आ तेकर बाद मिला-पत्र वा समझौता आ तरघुस्की सेटिंग-वेटिंग-गेटिंग मे अमानवीय कृत्य केँ झाँपि-तोपि देल जाउ। एकर रिसेन्ट कतेको उदाहरण अछि। रंजना झा दहेज हत्याकाण्ड मे समाजक चाल आब पैछला १५-२० दिन सँ किछु कतहु सुनि रहल छियैक? कतहु किछु नहि। बस, परिवार आ गोटेक समर्पित सामाजिक अभियन्ता निरन्तर नजरि बनौने अछि सब न्याय प्रक्रिया पर।
 

समाजक यैह चुप्पीक अनुचित लाभ उठबैत अछि किछु दम्भी आ अभिामानी दहेज लोभी लोक

बहुत जल्दी अहाँ सब धरि एकटा खतरनाक दहेज लोभी परिवारक परिचय सोझाँ आओत। अहाँ सब सोचिकय घबरा जायब जे एहनो-एहनो लोक अछि हमरा-अहाँक समाज मे।
 
एहेन परिवार जे अपना केँ जनताक हित मे समर्पित देखबैत अछि… .एहेन लोक जे जनताक वोट सँ चुनल गेल पंचायत प्रतिनिधि बनैत अछि… एहेन लोक जे भारतीय जनता पार्टी केर बड़का नेता संग फोटो खींचाकय अपना केँ बड़का लोक मानैत अछि…. एहेन पति जे राज्या विधिक प्राधिकार केर स्वयं प्रभारी जेकरा फेमिली कोर्ट व अन्य कानूनी न्याय लेल आम जनता लेल सेवा देबाक छैक ओ स्वयं एकटा सिन्डिकेट बनाकय आर-आर केँ तऽ कानूनी न्याय लेल परेशान करिते छल, अपन पत्नी तक केँ नहि छोड़ि सकैत अछि… अपन डेढ वर्षक बच्चा तक केँ जे न्याय नहि दय सकैत अछि…. एहेन खतरनाक दहेज लोभीक किरदानी पर विस्तृत समाचार आबयवला अछि… एखन हमरा लोकनि किछु समय दैत सम्हरबाक अवसर देल अछि… कारण मनुष्य जखन अपन अभिमान मे आन्हर भऽ विभिन्न अत्याचार करय तैयो ओकरा अवसर दी, जेना कृष्ण शिशुपाल केँ अनेक कूवचन केँ सहलनि आर अन्त मे जखन हाईट भऽ गेल छलैक तखन चक्र चलौलनि। किछु तहिना….!
 

समाज केँ चौकन्ना रहबाक जरूरत

 
जाहि ठामक समाज सुसुप्त भऽ गेल, ओतुका सारा संस्कृतिक सर्वनाश भऽ जायत। जेना गाम-गाम सुदखोर अछि, बेर-बेगरता पर पैसा दय केँ सुदि जोड़ैत अछि आ फेरो सुदियो केर सुदि जोड़िकय गरीब-असहाय आ कमौआ श्रमजीवी वर्ग केर दोहन करैत अछि आ गामक लोक जागृति प्राप्त करिते ओकर सारा भंडाफोड़ कय कुकृत्स सँ समाज केँ मुक्ति दियबैत अछि…. किछु तहिना ई सुदिखोर परिवार सब बेसी दहेजक खेला-वेला मे लागल अछि। समाज चौकन्ना रहत तऽ समाधान जल्दी निकलत।
 

दहेज मुक्त मिथिला निरन्तर ज्ञापन जारी कय रहल अछि

 
एहि तरहक घटना आ विभिन्न केस आदि पर प्रकाश दैत समाज सँ कि अपेक्षित अछि ताहि सब बात पर ‘दहेज मुक्त मिथिला’ निरन्तर सामाजिक संजाल व अन्य मीडिया मार्फत अपने सब धरि जानकारी पहुँचा रहल अछि। कृपया सब कियो जुड़ू एहि मुहिम सँ आ दहेज लोभी सब केँ समाज सँ दूर करू।
 
हरिः हरः!!