रंजना हत्याकाण्ड केर आरोपीक हाल सँ सीख लेबाक जरूरत अछि अन्य दहेज लोभी केँ

रंजना हत्याकाण्ड सँ सीख दहेज लोभी परिवार

दहेज मुक्त मिथिला अभियान समाचार-विचार
 
पिछला १० सितम्बर रंजना दहेज हत्याकाण्ड दरभंगा केर दर्ज मुकदमाक तारीख रहैक। बड़का रुआबी एक्स-दरोगा यानि रंजनाक ससुरजी जे रंजना केँ जीबिते ओकरा इन्जेक्सन देकर तुमको पागल बना देंगे कहैत रहथि से अदालत मे हाथ जोड़िकय जज साहेब लग जमानत के अर्जी लगौने छलाह…. जज साहेब खूब जोर सँ फटकारलखिन आ कहलखिन – “शर्म नहीं आती है तुम्हें? करते हो घर के बहू की हत्या और चले आते हो जमानत मांगने? मर्डर केस में तुमको जमानत कौन देगा? जाओ पटना हाई कोर्ट। वहाँ से मांगो जमानत।” हरेक अदालत केर अपन एकटा सीमा होइत छैक आर ताहि में रहिकय जज साहेब रुआबी दरोगा केँ बाप सँ दर्शन करौलनि। दुनू बाप-बेटा एखन जेल मे अछि, हत्याक मोकदमा खेपि रहल अछि।
 
यौ जी! रंजना झा त गाय जेकाँ सीधा छल। ओ जीबिते अपन सासूरक सब अत्याचार केँ सिर्फ दू पन्ना मे कलम सँ लिखलक आ बाकी सासूर मे पति, ससुर, सासु, ननैद, नन्दोसि सभक अत्याचार वर्दाश्त केलक। आखिरी मे ओकर सीधापन केर लाभ उठबैत ओकर हिजड़ा पति आ चाण्डाल परिवार रंजनाक हत्या कय देलकैक। ई रहस्य केर बात छैक एखन धरि जे ई हत्या आखिर कोन तरहें भेलैक। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मे कहल गेल छैक जे खूब अत्यधिक बहि गेला सँ आ गम्भीर घातक चोट लगलाक कारण ओकर मृत्यु भेलैक। लेकिन से चोट कतय, कोन चीज सँ आ केना लगलैक – तेकरा सोझाँ आनय लेल एखन धरि दरभंगा पुलिस अपन कार्ड सार्वजनिक नहि केलक अछि। हँ, अदालत केर जज साहेब केर उपरोक्त कथन एहि बात केँ सिद्ध करैत अछि जे दरभंगा पुलिस द्वारा गिरफ्तार पति आ ससुर सहित फरार अन्य अभियुक्त पर हत्याक मोकदमा दर्ज छैक। जमानत सेहो नहि भेटलैक।
 
बदस्तुर एखनहुँ कय टा दहेज लोभी रुआबी पति आ ससुर सक्रिय अछि मिथिला मे
 
काल्हियो एकटा केस केर विषय मे जानकारी देने रही। एहि मे कोनो व्यक्तिक नाम, परिवारक नाम आदि जानि-बुझिकय नहि लिखलहुँ कारण रंजना जेकाँ खूनक घूँट पीबिकय पति आ सासूर केर अत्याचार वर्दाश्त करयवाली पीड़िताक केस नहि थिक ई। रंजनाक नैहर – स्वयं दरोगा पिता आ २-२ टा भाइ, जेठ बहिन, बहनोई आ परिजन सब कियो रंजना जेकाँ सीधा छल। ओ सब सोचलक जे नव-नव विवाह भेलैक अछि, सासूर बसय मे बेटी केँ कनेक दिक्कत तऽ होइते छैक। कियैक न किछु दिन बेटिये केँ कही जे नीक सँ रहे, दुःख नहि करे, सासूर मे नव-नव मे एडजस्टमेन्ट मे अहिना होइत छैक…. आदि कहिकय बेटी केँ बौंसि लैत छल सब कियो। आब सब माथ पीटि रहल अछि। जँ समय पर जागि गेल रहितय तऽ आइ एकटा निर्दोष बेटी केँ बलिदानी नहि होइतैक। वर्तमान केस मे लड़की हिम्मती अछि। एक पत्नी केँ भेटय वला सारा अधिकार सँ परिचित अछि। पति क्रूर आ अभिमानी रहितो एकरा विश्वास छैक जे ओ लाइन मे औता। ओ संघर्ष कय रहल अछि। ओ कथमपि अपन पति-परमेश्वर सँ दूर होइ लेल नहि चाहैत अछि। एकटा छोट बच्चा सेहो छैक कोरा मे। सभ बात केँ गंभीरतापूर्वक विचार कय केँ ओ पति सँ घर वापसी चाहैत अछि। मुदा पति केँ त मुंगेरीलाल जेकाँ दिने मे बैसले-बैसल ई सपना देखा रहल छैक जे एकरा एतेक तंग करब जे ई छोड़िछाड़िकय भागि जायत आ तखन फेर चाटुकार-चमचा मित्र सब – जे सब एकर पैसा पर खूब मलफाई उड़बैत अछि तेकरे सभक बोल-भरोसे फेर किछु मोटगरे पाइ लय केँ दोसर विवाह कय लेब। ता धरि काज चलबय लेल सेहो कहाँ दिना काफी रास व्यवस्था मिलौने अछि सुनबा मे आयल। घरवाली हाथक भोजन एकरा नीक नहि लगैत छैक, मुदा दस-द्वारी घुमि-घुमिकय खाय मे माहिर अछि। बहुत बात छैक।
 
आइ मुख्यमंत्री जी केँ प्रथम सूचना दय देल अछि एहि केसक। जल्दिये एक प्रतिनिधिमंडल सारा एकत्रित सबूत आदिक संग दिल्ली राष्ट्रीय महिला आयोग आ पटना केर राज्य महिला आयोग केँ सेहो सारा डिटेल सौंपि देत। पीड़िता सँ कहि देल अछि जे संघर्ष करमें तऽ धैर्यक संग डटल रहय पड़तौक। हम सब तैयार छी। भीख मांगय पड़त त से मांगब, दहेज उत्पीड़न मे फँसल बेटी-बहिन लेल संरक्षण भवन केर व्यवस्था करब, मेहनत-मजदूरी करत बेटी-बहिन…. लेकिन चाण्डाल टाइप पति आ ओकर आसुरिक परिवार सँ लड़त। जा धरि न्याय नहि भेटि जेतैक, संघर्ष जारी रहत। समाज केँ सेहो एहि दिशा मे पूर्ण समर्थन मे रहय पड़त। केकरो बेटी-बहिन संग एहि तरहक घटना घटैत छैक तऽ ई बुझू जे हमर अपन बेटी-बहिन संग घटना घटल अछि। एहि तरहें ई हेहर आ थेथर अभिमानी दहेज लोभी सब केँ मोन मे किछु त्रास आओत आ समाधान निकलत। वर्तमान केस मे त कहबय लेल पति स्वयं विधिक प्रभारी अछि… ओ दोसर केँ न्याय दियाबय वला पद पर अछि…. आर स्वयं अत्याचारी अछि। आब बुझि जाउ, ई केहेन दुरुह काज भेल। खैर… पराम्बा जानकीक सौगंध… सच्चाई रहितैक त समाजक सोझाँ बैसिकय तय कय लितय। लेकिन ताहि सँ ओ घबरा रहल अछि। बुझि जाउ बात! आयब विस्तृत रिपोर्ट संग सोझाँ क्रमशः ……
 
हरिः हरः!!