अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन राजविराजक उपलब्धि तथा आगामी सम्मेलनक कार्यसमितिक रूप

दरभंगा, दिसम्बर २७, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!!

अपन सभ्यता संस्कृति, अस्मिता ओ अस्तित्वक विकासक लेल प्रतिबद्ध अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन देश-विदेशकेँ जोड़ैत सदति मिथिलाक सर्वांगीण विकासक लेल कटिबद्ध रहल अछि। एहि ठामक जे आर्थिक उन्नतिक आधार छल कृषि, सूती कपड़ा उद्योग, चीनी मील, अशोक पेपर मील, जूट मील आदि से सभटा चौपट भ रहल अछि कि कही तँ चौपट भ गेल। जीविका लेल लोकक पलायन भ रहल अछि।
मातृभाषा मैथिली केँ २२ दिसम्बर २००३ केँ लोकसभा आ २३ दिसम्बर २००३ केँ राज्यसभा में पारित भ संवैधानिक अधिकार की भेटल जे तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयीजीक सद्प्रयासेँ “अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन” होमय लागल। एहि में सब दलक सहयोग भेटल अछि तेँ हिमालय सँ कन्याकुमारी अर्थात भारतमें तँ प्रारम्भे भेल जे नेपालमें ई तेसर सम्मेलन अछि।
राजविराज (नेपाल) में भेल अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलनक उपलब्धि :-
१. शोभायात्राक शान गुमान पर छल दिनक ११बजे पूर्वाह्न सँ श्री प० वि० मा० विद्यालय राजविराज सँ श्री अनुपदास धरि पुरूष सँ बेसिये महिला वर्गक प्रतिनिधित्व मिथिला-मैथिलीक उत्थानपरक नारा जोर-शोर पर छल। जागरणक शंखनाद की फुकायल जे रथ के चक्का चलि पड़ल, बाजा गाजा सभ ध्वनित भ उठल आ जनकंठ सँ जागृतिक स्वर फूटि पड़ल। नारा छल – मिथिलाराज्यक पुनर्निर्माण हो आ मिथिला-मैथिलीक सर्वांगीण विकास होउक।
२. दिनक १ बजे सँ उद्घाटन सत्रक शुरुआत भेल। उद्धघाटनक प्रमुख अतिथि श्री जितेन्द्र नारायण देव (नागरिक उड्डयन आ संस्कृति मंत्री), आ अध्यक्षता कयलनि श्री शुभचन्द्र झा जे एहि कार्यक्रमक संयोजक रहथि। विशिष्ट अतिथि रहथि डॉ बैद्यनाथ चौधरी “बैजू”, डॉ बुचरू पासवान, आ अतिथि रहथि श्री अशोक कुमार झा, नेपाल प्रभारी श्री राम भरोस कापड़ि ‘भ्रमर’, विशिष्ट अतिथि पदसँ कार्यक्रमक सूचना देल। मंच संचालक श्री श्याम सुन्दर यादवक ध्वनि गुंजित होइते गूंजी उठल अमर कवि विद्यापतिक गोसाउनिक गीत ‘जय जय भैरवी’ जे गओलनि कंचन झा, किरण झा, कैलाश झा। सुभाषण विरपुरियक भ्रमर लिखित स्वागत-गीत बेस जमल। डॉली सरकारक नृत्य मन केँ मोहि लेलक।
३. मिथिला रत्न – १. डॉ श्री हरिकान्त लाल दास , २. वाणी मिश्र, ३. रमा मंडल – अंतरराष्ट्रीय गीतकार, ४. राजकुमार महतो, ५. अश्विनी कुमार झा (आई० पी० एस०)- समाज सेवा, ६. श्री दीपक झा – पत्रकारिता। मिथिला श्री क उपाधि- गोपाल अश्क भोजपुरी साहित्यकार। सम्मानपत्र-  १. श्रीमती सरिता साह २. डॉली सरकार।
संस्थाक महासचिव डॉ बैद्यनाथ चौधरीक प्रतिबद्धता :-
१.मिथिलाक भू-भाग में राज-काजक भाषा मैथिली,
२. मिथिला आ मैथिलीक सर्वांगीण विकास,
३. आर्थिक, राजनैतिक आ संस्कृतिक धरोहरक रक्षार्थ,
४. मिथिलाक विकासक कामना आ मिथिलाराज्यक पुनर्निर्माण।
पोथी आ पत्र-पत्रिकाक विमोचन मुख्य अतिथि श्री जितेन्द्र नारायण देवक हाथसँ –
१. सम्मेलनक मुख्य पत्रिका ‘अयना’
२. श्री राम भरोस कापड़ि ‘भ्रमर’ सम्पादित ‘आंजुर’, मेघ गरजल(व्यंग संग्रह)
३. मैथिली दर्पण ओ कैसेट
४. प्राचीन मैथिली सहित्य इतिहास आ
५. विनोदचंद्र झाक ‘चनकल अयना’ (व्यंग संग्रह)।
सांस्कृतिक कार्यक्रम – कुँज बिहारी मिश्रक गीत सभक मोनकेँ मोहि लेलक। पार्थ सारथीक आ डॉली सरकारक नृत्य, कैलाश झा, नवीन कुमार मिश्र, विन्दु ठाकुर आदि अपन प्रस्तुति स दर्शकक मंत्रमुग्ध कयलनि।
विचार-गोष्ठी दोसर दिन – २३दिसम्बर २०१७,
विचार गोष्ठी में डॉ रेवती रमण लालक ‘नेपालक प्रदेश नं०२ काम-काजक भाषा मैथिली’ विषयक आलेख। श्री देवेन्द्र मिश्र कार्यक्रमक संयोजक, अमरकान्त झा टिप्पणी कर्ता आ सात सदस्यीय समिति द्वारा घोषणा-पत्र बनाओल गेल।
दोसर सत्र में ‘अंतरराष्ट्रीय महिला कवयित्री सम्मेलन’ संयोजक आ अध्यक्षता कयलनि श्रीमती मीना ठाकुर, प्रमुख अतिथि श्रीमती पूनम झा ‘मैथिल’, विशिष्ट अतिथि आ समीक्षक श्री चंद्रेश रहथि। कवयित्रीक संख्या बढ़िते गेल। दर्शकक हृदय पर कविताक छाप पड़िते गेल।
तेसर सत्र में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम विभिन्न आस्वादपरक लोकगीत, लोकनृत्य, कत्थक नृत्यादिक सरस फ़ुहार बरसिते रहल। बैद्यनाथ चौधरी “बैजू” आ जीवकांत मिश्रक स्वर-लहरी गुंजिते रहल।
आगामी सम्मेलनक लेल कार्यकारणीक गठन १२१ सदस्यीय समिति में
मुख्य संरक्षक :- पद्मश्री डॉ सी० पी० ठाकुर संरक्षक – मंडल :- १. श्री राज पलिवार, मंत्री झारखंड सरकार, २. श्री राम भरोस कापड़ि ‘भ्रमर’- नेपालक प्रभारी, ३. श्री शोभाकान्त दास- मद्रास, ४. पं० श्री कामदेव झा- कोलकाता ५. श्री कृष्णानंद झा, देवघर झारखंड ।
अध्यक्ष – डॉ महेन्द्र नारायण राम, पूर्व अध्यक्ष, मैथिली अकादमी ।
उपाध्यक्ष :- १. पं० श्री कमलाकांत झा, पुर्व अध्यक्ष मैथिली अकादमी, २. श्री शुभचंद्र झा, राजविराज नेपाल, ३. डॉ बुचरू पासवान – दरभंगा, ४. प्रो श्री शितलाम्बर झा – मधुबनी, ५. श्री अशोक झा – कोलकाता, ६. श्री राम अशीष यादव – जनकपुर, ७. श्री प्रवीण नारायण चौधरी – विराटनगर ८. डॉ अयुब राइन- दरभंगा ।
प्रधान महासचिव :- डॉ बैद्यनाथ चौधरी “बैजू” – संस्थापक।
महासचिव- १.श्री दीपक कुमार झा, मुम्बई २. श्रीमती करुणा झा, राजविराज।
कोषाध्यक्ष :- प्रो. श्री जीवकान्त मिश्र – दरभंगा।
सचिव :- श्री विनोद कुमार झा, श्री विजय कान्त झा, प्रो उदय शंकर मिश्र, श्री प्रदीप झा – दरभंगा, श्री अमरेन्द्र झा – दिल्ली, श्री विवेकानंद झा- चेतना समिति पटना।
संयुक्त सचिव :- श्री दिनेश मिश्र-दिल्ली, श्री रामकुमार यादव, श्री मदन यादव-दरभंगा, प्रो चंद्रमोहन झा ‘पड़वा’- जयनगर।
स्मारिका संपादक :- चंद्रेश।
कवि-गोष्ठी प्रभारी – श्री मणि कान्त झा ।
सचिव सह मीडिया प्रभारी – १. प्रो चंद्रशेखर झा ‘बुढाभाई’- दरभंगा, २. श्री श्याम सुन्दर यादव – राजविराज।
एहिवेरका अंतर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन २०१७ में भारतदिस सँ प्रतिनिधित्व कयलनि सर्वश्री प्रो चंद्रमोहन झा पड़वा, चंद्रेश, बुढाभाई,विनोद कुमार झा,दिनेश झा, पं कमला कान्त झा, डॉ महेन्द्र नारायण राम, प्रदीप झा, जीवकान्त मिश्र, रामकुमार यादव, मदन यादव,शितलाम्बर झा, डॉ उग्रामोहन झा, उदयशंकर मिश्र। आजुक प्रेस सम्मेलन में उपस्थित व्यक्तित्व डॉ बैद्यनाथ चौधरी, चंद्रेश,पड़वाजी,बुढाभाई, दिनेश झा, विनोद कुमार झा,प्रदीप झा समेत अनेक गणमान्य लोकैन उपस्थित छलाह।