जियाउ फेर सँ सेना केँ – बनाउ हैसियत मिथिला केर!

"हेलो भैया! हेलो.... हेलो.... हेल्लो!! अरे आवाज नहि सुनाइ छह कि?" "हँ-हँ! आवाज एलौ रोशन आब। बाज न? गाम मे सब ठीक छौक न?" "कपार ठीक...

मिथिला राज्य निर्माण यात्रा चतुर्थक आइ अन्तिम दिन

मिथिला राज्य निर्माण यात्रा ४ केर आइ दोसर दिन थीक। दर्जनों स्थान पर ई यात्रा छोट-छोट पड़ाव दैत दर्जनों अभियानी लोकनि केँ मुहिम मे...

मातृभूमि केर कर्जा उतारबाक लेल मातृभाषा मे अपन लोक लेल लिखू

जँ मिथिलाक प्रति प्रेम अछि तऽ एकर विभिन्न पहलू पर लिखू! मिथिलाक समाज सुसुप्त नहि अछि बल्कि एकर साहित्य सुसुप्तावस्था मे प्रवेश कय गेल अछि।...

जनकपुर एलाह जानकी सँ नोत लेबय मैथिल भाइ लोकनि – भारत-नेपाल मैथिली सांस्कृतिक एकता

विशेष सम्पादकीय 'मिथिलायां भव: मैथिल:' - याज्ञवल्क्य संहिताक एहि प्रसिद्ध पाँति केँ पुनर्स्थापित करबाक लेल जनकलली जानकी केँ बहिन माननिहार मिथिलावादी सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता लोकनि भारतीय...

जनकल्याण लेल नेतागिरी या समाजसेवा

संपादकीय नेतागिरी कम, समाजसेवा बेसी करू हरेक कार्यक वास्ते 'राजनीतिक नेतृत्वकर्ता' केँ माथ पर बैसायब हमरा बुझने ओतेक उचित नहि अछि। खासकय वर्तमान समय मे राजनीतिक...

समाधान छोड़ि आरोप-प्रत्यारोप सँ नेपाल-भारत मैत्रीपूर्ण सम्बन्ध केँ बेसी नोकसानी

विशेष सम्पादकीय विगत किछु समय सँ नेपालक आम जनमानस मे भारत द्वारा 'अघोषित नाकाबन्दी' केर बात कहि मनक भीतर मे एकटा घाव देल जा रहल...

मैथिल समाज नेपाल रूपन्देहीः संस्था संचालन स्वरूप प्रेरणास्पद

मैथिल समाज नेपाल रुपन्देही द्वारा संपन्न विद्यापति स्मृति पर्वक संग मैथिल परिवारक मिलन समारोह एकटा अद्भुत सामाजिक सद्भाव एवं सौहार्द्रताक परिचय देलक अछि।   सामान्यतया...

धरातलीय परिवर्तन लेल ईमानदार नेतृत्वक आवश्यकता – वसुन्धरा झा आ जीतिया समारोह

.... आर एकटा समारोह एना बनि गेल लोकोत्सव.... (एकटा सत्यकथा जे परिवर्तन लेल धरातलीय नेतृत्व केर विकास पर आधारित अछि)   आइ सँ ठीक एक सप्ताह...

मिथिलाकथा: पुरना आ नवका

मिथिला के राजा एक नहि बल्कि अनेक! एक जनक - एक दरभंगा महाराजा! जनकजी के समयक बहुत बात नहि अछि पता - बस कथामें चर्चा-परिचर्चा...

क्रान्ति केर सूत्रपात कयनिहार नागार्जुन – मैथिलीक यात्रीक स्मृति केँ संरक्षण लेल क्रान्तिक आवश्यकता

हिन्दीक नागार्जुन - मैथिलीक यात्री केर डीह सेहो अछि उदास मैथिली भाषा लेल एक गोट अमर-स्तम्भ छथि बैद्यनाथ मिश्र 'यात्री'। आधुनिक मैथिली साहित्य केँ अपन...