नओ साल – नओ सवालः अजित आजाद केर २०१२ केर विचार

नओ साल, नओ सवाल - अजित कुमार आजाद - ८ जनबरी, २०१२ केर लेख मैथिलीकेँ अष्टम अनुसूचीमे स्थान भेटलाक आइ नौ साल पुरि गेल। वर्ष 2003मे...

मिथिला पर दृष्टिकोण: मार्कण्डेय काटजू

मिथिला - मार्कण्डेय काटजू हमर पूर्वक पोस्ट द्वारा महान न्यायिक दार्शनिक उद्यानाचार्य, सुविख्यात नीतिशास्त्र 'न्याय कुसुमाञ्जलि' केर रचयिता जे मिथिला सँ छलाह तिनकर संदर्भ देल गेल...

आगिलग्गी सँ परेशान बिहार – ९ बजे सँ ६ बजे चुल्हा नहि जराउ

आगिलग्गी सँ बचबाक लेल ९ बजे सँ ६ बजे दिन मे चूल्हा नहि जराउ कतेक औचित्यपूर्ण आर कतेक प्रभावी? राम बाबू सिंह, दिल्ली। अप्रैल २८,...

विद्यापति स्मृति प्रति स्वीकार्यता बढबाक महत्वपूर्ण कारण

आलेखः विद्यापति स्मृति पर्व समारोह प्रति बढैत स्वीकार्यता - प्रवीण नारायण चौधरी महाकवि विद्यापति केर स्मृति मे समारोहक आयोजन आब नेपाल आ भारतहि केर मैथिल टा मे...

मिथिलानी लोकनिक विद्वत् चर्चा – दहेज मुक्त मिथिला समूह पर

विद्वत् चर्चा आ विषय-विमर्श संयोजकः वंदना चौधरी, समूहः दहेज मुक्त मिथिला (फेसबुक समूह) वंदना चौधरीः सुप्रभात सब गोटे के। आय एकटा विषय दैत छी, जाहि पर...

नव पल्लव नव मज्जर आयलः बसंती ऋतु केर स्वागत

प्रकृति - प्रवीण नारायण चौधरी   नव पल्लव नव मज्जर आयल हरियर पत्ता सब तैर छायल फरतय फेरो फर नव नव बसन्त ई नवका सनेश लायल।   जहिना घड़ीक सुइया घुमय गोल गोल...

न राधा केँ नौ मन घी हेतनि न राधा नचतीः प्रेमकान्त चौधरी

विचार - प्रेमकान्त चौधरी, गुआहाटी, मैथिली-मिथिलाक प्रबल समर्थक एवं अभियानी समस्त मैथिल, मैथिली प्रेमी, भाषा अनुरागी, राज्य अभियानी धरतीपुत्र मैथिलजन केँ नमस्कार। पहिने साफ क दी की हम...

भरदुतिया पर बेटीक विलाप – मैथिली गीत

भ्ररदुतिया पर बेटीक विलाप - विमल जी मिश्र, सुपौल (वर्तमानः दिल्ली) बेटा केँ मोह मे कियै चढबै छी चाप यौ, बेटी जनम केँ बाबू बुझियौ नै पाप...

मैथिली कविताः ई शहर हमरे छी

मैथिली कविता - कर्ण संजय ई शहर हमरे छी अइ शहर मे किछु काते कात छिरियाएल लोकके बिच ठाढ भय आ घृणाके सङ्ग जीबऽके प्रयत्न करै छी हम । रस्ताचलैत अपनामे...

कम सँ कम अपनो सरोकार आ दरकार लेल चौकन्ना बनू

कोढिपनाक हद्द   (यथार्थ कथा) - प्रवीण नारायण चौधरी   तखन कहैत रही जे जेकरा मे संघर्ष करबाक सामर्थ्य नहि हो, जे स्वयं कमजोर आ डरपोक हो, ओ संघर्ष...