कन्यादान आ मिथिलाः शोधमूलक लेख-संग्रह केर चारिम कड़ी

कन्यादान आ मिथिला   आशा करैत छी राखी नीक सँ मनेलहुँ, भाइ-बहिन बीच स्नेहबन्ध केर रक्षासूत्र बन्हबाक ई परम्परा सच मे मिथिलाक प्राचीन परम्परा सँ इतर...

मिथिलाक विवाह मे ओठंगर केर आध्यात्मिक आ व्यवहारिक स्वरूप

कन्यादान यज्ञ   (लेख-संग्रह निरन्तरता मे)   बन्धुगण, एहि सप्ताह 'दहेज मुक्त मिथिला' समूह पर हमरा लोकनि 'कन्यादान' समान महायज्ञ ऊपर चर्चा कय रहल छी। भरि सप्ताह वैवाहिक...

मिथिलाक विवाह – अत्यंत रोचक आ आध्यात्मिक विध-व्यवहारक वर्णन

मिथिलाक लोकपरम्परा आ विवाहः एक शोध दहेज मुक्त मिथिला फेसबुक समूह पर पैछला सप्ताह वैवाहिक परिचय केर संकलन भेल छल। विवाह लेल उपयुक्त सम्बन्धक विकल्प...

रक्षा बन्धन केर सूत्र आ एकर प्रति निज दायित्व-जिम्मेदारीक बोध आवश्यक

राखी पर प्रवीण शुभकामना   ई रक्षा सूत्र अपने सभक वास्ते!   येन बद्धो बलि राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वाम् अपि बद्ध्नामि रक्षे मा चल मा चल:!!   जहिना दानवक इन्द्र...

कन्यादान आ मानव जीवन मे एकर महत्व आ प्रभाव

कन्यादान   दहेज मुक्त मिथिलाक सम्पूर्ण सदस्य लोकनि केँ हम प्रवीण नारायण चौधरीक सादर अभिवादन!   आइ दिनांक १ अगस्त २०२० - कोरोनाकाल केर भयावहता सँ निकलि रहल...

सावन मासक महत्व आ मधुश्रावणीक अर्थ

सम‍सामयिक चर्चा - प्रवीण नारायण चौधरी साओन मासक महत्ता कि सब छैक   चूँकि मधुश्रावणी हालहि बीतल अछि, एहि सन्दर्भक कतेको चर्चा एखन बड जोर पर अछि... खास...

कि मलकोका आ ब्रह्मकमल फूल एक्के थिक?

२२ जुलाई २०२०। मैथिली जिन्दाबाद!! पूर्व मे प्रकाशित एक लेख (लिंक http://www.maithilijindabaad.com/?p=6255 ) 'मिथिलाक पाबैन चौरचनः एक संस्मरण' मे मलकोका फूलक चर्चा आयल छल जाहि...

गुरु पूर्णिमा पर गुरुजन केँ प्रणाम संग अपन समाज लेल सन्देश

लेख - गुरु पुर्णिमा - विन्देश्वर ठाकुर, दोहा, कतार आजु अखार महिनाक २१ गते २०७७ साल पुर्णिमा तिथि। तदनुसार २०२० साल जुलाई महिनाक ५ तारिक रवि...

बरसाइत पावनिक महिमा

पावनि-संस्कृतिः बरसाइत - आशा चौधरी आइ वंदना जी के एकटा सबाल छलैन्ह जे वट सवित्री (बरसाइत) अपना मिथिला मे केना और कियैक मनायल जाइत छैक. एहि...

पराती – सुमिरन गायनक एक विलक्षण विधा जे मनुष्य जीवन केँ नित्य नव ऊर्जा...

लोकपरंपरा-जीवनशैली - प्रवीण नारायण चौधरी हमर हमउमेर कतेको लोक गायनक एहि विशिष्ट विधा सँ सुपरिचित होयब - भोरे-सकाले (अन्हरभोरे - प्रातःकाल) ब्रह्ममुहूर्त मे नींद टूटब आ...